यूटी पुलिस की ओर से इंटरनेशनल शूटर सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी मर्डर केस के मामले दायर संदिग्ध के लाई डिटेक्शन और ब्रैन मैपिंग टेस्ट संबंधी याचिका पर मंगलवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। पुलिस पहले ही अदालत को अवगत करा चुकी है कि केस केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को ट्रांसफर हो चुका है। इस पर अदालत ने केस जांच एजेंसी को ट्रांसफर होने की लिखित जानकारी मांगी थी। साथ ही इसके आधिकारिक कागजात जमा कराने को कहा था।
मंगलवार को जांच अधिकारी और सीबीआई के डीएसपी अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत से आधिकारिक कागजात पेश करने के लिए एक महीने का वक्त मांगा। इस पर अदालत ने जांच एजेंसी को 30 मई तक डाक्यूमेंट्स कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए। बता दें कि जनवरी में सिप्पी मर्डर केस सीबीआई को ट्रांसफर होने के आदेश हो चुके थे। इसके बाद पिछले महीने ही सीबीआई ने केस की जांच शुरू की थी।
सेक्टर-26 थाना पुलिस ने संबंधित केस दर्ज किया था। इसके बाद केस सीबीआई को सौंपा गया था। इससे पहले पुलिस ने अदालत में मामले में संदिग्ध हाईकोर्ट जज की बेटी का लाई डिटेक्शन और ब्रैन मैपिंग टेस्ट कराने के लिए पिछले साल 14 दिसंबर को अर्जी दायर की थी। इस पर अदालत में सुनवाई लंबित है। ऐसे में जांच एजेंसी केस ट्रांसफर होने की लिखित जानकारी मिलने के बाद केस को सीबीआई की विशेष अदालत में ले जा सकती है।