नेशनल शूटर सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी सिद्धु का मामला सीबीआई को ट्रांसफर हो गया है, लेकिन अभी सीबीआई ने केस अपने हाथ में नहीं लिया है। ऐसे में यूटी पुलिस का कहना है कि जांच अभी भी पुलिस के पास ही है और उनकी जांच जारी है।
पुलिस ने सिप्पी का आईफोन गांधीनगर के सीएफएसएल में जांच के लिए भेज रखा है। पुलिस को वहां से सीएफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। हत्या की शक के घेरे में आई युवती केनार्को टेस्ट पर भी कोर्ट के फैसले को लेकर भी काफी आश्वस्त नजर आ रही है ।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी यूटी पुलिस के पास ही है। पुलिस की तरफ से गांधीनगर में सीएफएसएल अधिकारियों से रिपोर्ट के स्टेटस पर बातचीत की है। चंडीगढ़ की सीएफएसएल सिप्पी के आईफोन को अनलॉक नहीं कर पाई थी।
सीबीआई ने पुलिस से नहीं की बात:एसएसपी
एसएसपी सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि सीबीआई को मामला सौंपे जाने की सिफारिश होने का मतलब यह नहीं है कि मामले की जांच रुक गई है। पुलिस के पास अभी भी केस है और पुलिस जांच कर रही है। सीबीआई ने पुलिस से केस के बारे में कोई बातचीत नहीं की है। एसएसपी का कहना है कि संदेह के घेरे में आई युवती के नार्को टेस्ट पर भी कोर्ट के फैसले का इंतजार है। आपको बता दें कि मामले में एक जज की बेटी को सिप्पी का परिवार हत्या का जिम्मेदार मानता है। पुलिस ने उसी के नार्को टेस्ट कराने की अर्जी कोर्ट में लगा रखी है। पुलिस की तरफ से ये बात उस समय आई है जब आईजी तेजिंंदर लूथरा भी पुराने अनसुलझे केसों को दोबारा से जांच करने की बात कह चुके है।
सिप्पी के परिवार ने की आईजी से मुलाकात
वही सिप्पी सिद्धू के भाई जिप्पी सिद्धू ने बताया कि उन्होंने नये आईजी तेजिंदर सिंह लूथरा से भी मुलाकात की थी। परिजनों का कहना है कि आईजी लूथरा ने उनको पूरा सहयोग का भरोसा दिया है। वही पूर्व आईजी आरपी उपाध्याय ने अपनी आखिरी प्रेस वार्ता क े दौरान कहा था कि पुलिस की जांच से सिप्पी सिद्धु के परिजन संतुष्ट नही थे। जिसके बाद मामला सीबीआई को संौंपने की सिफारिश की गई थी।
यह है मामला-
नेशनल शूटर सिप्पी सिद्धू की 20 सितंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सिप्पी की लाश रात को सेक्टर 27 के पार्क में मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने एसएसपी गिल के नेतृत्व में एसआईटी भी बनाई थी लेकिन मामला नही सुलझा पाई थी। सिप्पी के परिजनों का कहना था कि आरोपी लड़की हाईकोर्ट के सिटिंग जज की बेटी है जिस कारण पुलिस उस पर हाथ डालने से बच रही है।