नशे में धुत युवती को सेक्टर-8 के स्कोर डिस्को थेक के बाहर से उठाकर अस्पताल की जगह पुलिस स्टेशन लेकर जाने के मामले में आखिरकार जांच अधिकारी एसआई रमेश कुमार पर गाज गिरी है।
एसएसपी सुखचैन सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते ही हुए एसआई रमेश को लाइन हाजिर कर दिया।
एसएसपी ने जांच पाया कि रमेश कुमार को नशे में धुत युवती को पुलिस स्टेशन की जगह अस्पताल लेकर जाना चाहिए था।
मोहाली निवासी युवती 13 दिसंबर को सेक्टर-8 स्थित स्कोर डिस्कोथेक में आई थी। युवती 2 घंटे 23 मिनट तक डिस्कोथेक में रही और उसे जमकर शराब परोसी गई।
नशे में धुत हो जाने पर दो बाउंसरों ने उसे जबरन बाहर निकाल दिया। लड़की बाहर सड़क पर ही बेसुध थी। पीसीआर ने सेक्टर-3 थाना पुलिस को जानकारी दी थी।
मौके पर पहुंचे सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने नशे में धुत युवती को गाड़ी में बिठा लिया और अस्पताल ले जाने की जगह थाने ले आए।
पुलिस विभाग ने डीएसपी आशीष कपूर को इस मामले की जांच सौंपी थी। जांच में सामने आया है कि एसआई रमेश कुमार ने इस मामले में लापरवाही बरती। रात दो बजे तक अगर डिस्कोथेक खुला था तो भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
डीएसपी ने एसएसपी को पेश की गई रिपोर्ट में एसआई रमेश कुमार और हेडकांस्टेबल अमरजीत कौर पर विभागीय जांच करने की सिफारिश की थी।
तय समय के बाद भी खुला था डिस्को
नशे में धुत अकेली युवती को सेक्टर-8 के स्कोर डिस्को थेक से शुक्रवार देर रात 2:36 बजे बाउंसरों ने जबरन बाहर निकाला था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार युवती 12:13 बजे डिस्कोथेक में आई थी। वह दो घंटे 13 मिनट तक डिस्कोथेक में रही। नियम के मुताबिक रात दो बजे के बाद डिस्कोथेक नहीं चल सकते।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आया है कि रात ढाई बजे तक डिस्कोथेक खुला था
एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि नशे में धुत युवती को एसआई द्वारा थाने लेकर जाने के मामले में एसआई ने लापरवाही बरती थी। एसआई को लाइन हाजिर कर दिया गया है। संचालकों को निर्धारित समय तक डिस्को चलाने की हिदायत दी है। अगर कोई लड़की नशे में धुत हो जाती है तो डिस्को संचालकों को उसके घर तक पहुंचाना होगा।
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