चंडीगढ़ पुलिस अगर सजग होती तो सेक्टर-56 (पलसौरा कालोनी) अंबेडकर आवास में हुए गोलीकांड को रोक सकती थी। मामले के आरोपी युवक के खिलाफ पहले भी 7 दिसंबर को घायल के परिजनों की शिकायत पर डराने और धमकाने की डीडीआर दर्ज की थी। लेकिन पलसौरा चौकी में शिकायत दर्ज करने के बावजूद परिजनों को कोई सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई गई।
पुलिस ने उस समय आरोपी युवक के खिलाफ 107-151 का मामला दर्ज किया था जिसे बाद में जमानत मिल गई थी। जबकि आरोपी युवक बंटी के परिजनों ने चौकी का घेराव भी किया था।
घायल संजीव कुमार की पत्नी ने बताया कि अगर अगर 7 दिसंबर को आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर दी जाती तो उसके पति इस गोलीकांड का शिकार न होते।
पत्नी ने बताया कि वह 4 माह पहले ही कालोनी में रहने के लिए आए हैं। उसने बताया कि पति ने 35 हजार रुपये का उधार आरोपी प्रेम कुमार से लिया था। इसके बदले में उन्होंने अपने मकान के दस्तावेज गिरवी रखकर उधार लिया था।
पत्नी ने बताया कि उधार की राशि आरोपी प्रेम को वापस कर दी गई थी इसके बावजूद आरोपी उनके दस्तावेज वापस नहीं कर रहा था। इसके साथ ही आरोपी प्रेम और उसके बेटे सुलतान की ओर से निरंतर उनकी बेटी के अपहरण करने का मामला वापस लेने का दबाव बनाया जा रहे थे जिसके लिए वह तैयार नहीं थे।
पत्नी ने बताया कि मंगलवार सुबह पति पार्क में बैठे हुए थे जहां पर आरोपी प्रेम पति के साथ लड़ने के लिए आ गया था। वहां पर आरोपी प्रेम और उनके बेटे बंटी को पहले पीटा उसके बाद बंटी ने पति के जांघ पर गोली मार दी और मौके से आरोपी बाप- बेटा फरार हो गए। सेक्टर-39 पुलिस ने घायल के ब्यान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीएसपी साउथ एसएस मलिक का कहना है कि आरोपियों केखिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। डीएसपी का कहना है कि आरोपी पिता प्रेम को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि बेटा बंटी इस समय फरार चल रहा है।