हरिद्वार में कनखल के राजघाट पर मंगलवार सुबह काले रंग के पिट्ठू बैग में आठ वर्षीय बच्ची का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
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शिनाख्त नहीं हो पाई
पानी में उतरते मिले बैग के अंदर कंबल से बालिका का शव लिपटा हुआ था। मासूम के गले पर चोट के निशान होने से हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतका की शिनाख्त नहीं हो पाई है।
सुबह राजघाट पर गंगा में पैसे, धातु आदि ढूंढ रहे बच्चों ने पत्थर के बीच काले रंग का पिट्ठू बैग अटका देख बाहर की तरफ खींचा। बैग की चेन पर टेप चिपकी हुई थी। बच्चों ने जब टेप हटाकर चेन खोली तो अंदर कंबल में एक बालिका की लाश देखकर उनके होश उड़ गए।
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देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पर एसओ महेश जोशी भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि मृतका के गले पर चोट के निशान हैं। बालिका की पहचान नहीं हो पाई है। मध्यवर्गीय परिवार से बच्ची लग रही है।
मृतका ने सफेद गर्म इनर व नीले रंग की पेंट पहनी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारण का पता चल पाएगा। एसओ ने बताया कि शव ज्यादा फूला हुआ नहीं है। इससे लगता है कि बालिका की मौत को 24 घंटे से ज्यादा नहीं हुआ है।
बैग के बहकर आने की बात में दम नहीं
चर्चा है कि बैग गंगा में बहकर आया होगा। लेकिन इस बात में दम नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि, गंगा में इस समय जल का स्तर बेहद कम है।
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ऐसे में आठ साल की बच्ची का शव बहना नामुमकिन है। प्रथम दृष्टया यह लग रहा है कि बैग किसी ने तड़के या रात के अंधेरे में यहां फेंका होगा।
कहीं तंत्र-मंत्र से तो नहीं जुड़े मामले के तार
काले रंग के पिट्ठू बैग की तनी से लाल धागा (मोली) बंधा होने और बैग श्मशान घाट से कुछ दूर मिलने पर रह-रह कर एक ही सवाल खड़ा हो रहा है कि कहीं मामला तंत्र-मंत्र से जुड़ा हुआ तो नहीं है।
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श्मशान घाट के ठीक सामने गंगा पार बसी झुग्गियों में कई फक्कड़ डेरा जमाए हुए हैं। आठ वर्षीय बालिका की मौत यदि स्वाभाविक भी है तब भी हिंदू धर्म में इतनी कम उम्र में जल प्रवाह नहीं होता।