एसएचओ अमनदीप सिंह गिल ने आरोपियों को दो तीन दिन तक अपने पास नाजायज हिरासत में रखा। जब आरोपियों के रिश्तेदारों से बात हुई तो गाड़ी लेकर आए गुरपाल और यादविंदर के परिजनों से एक लाख रुपये लाने की बात की। इस पर तीस हजार रुपये मिले। इसके बाद एसएचओ अमनदीप सिंह गिल ने सभी को छोड़ दिया और उनसे बरामद हेरोइन, मोबाइल फोन और कार अपने पास रख ली और कहा वह बाकी के रुपये लेकर आए और अपना सामान ले जाए।
इसके बाद सस्पेंड हेड कांस्टेबल को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया तो सारा मामला खुलकर सामने आया। आईजी जायसवाल ने बताया कि सतवीर, हरप्रीत और गगन के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज है। इन तीनों ने ही गुरपाल और यादविंदर को बुलाया था कि वह गाड़ी लेकर आए। सभी लोग फंस गए। सतवीर हत्या के मामले में सजा भी काट चुका है।
2008 में एएसआई भर्ती हुआ था एसएचओ
आईजी एसटीएफ आरके जायसवाल ने बताया कि एसएचओ अमनदीप सिंह पंजाब पुलिस में बतौर एएसआई 2008 में भर्ती हुआ था। उसे भर्ती करने वाले भी वह खुद ही थे। उस समय वह लुधियाना में बतौर एसएसपी तैनात थे। एएसआई के तौर पर भी अमनदीप ने लुधियाना के कई थानों में कार्य किया। प्रमोट होने के बाद वह थाना कोतवाली में भी बतौर एसएचओ तैनात रहा। उसके बाद जालंधर और फिर थाना डिविजन सात में एसएचओ की तैनाती हुई। थाना डिविजन सात से कुछ समय पहले ही बदल कर अमनदीप सिंह थाना डिविजन दो में तैनात हुआ था।
एसएचओ अमनदीप सिंह गिल खुद नशा करता है या नहीं के सवाल पर आईजी जायसवाल ने बताया कि अभी यह कहना मुश्किल होगा कि वह नशा करता है या नहीं। दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया हेड कांस्टेबल बलबीर तो नशा करता है, इसकी पुष्टि हो गई है। एसटीएफ की टीम ने उसकी मेडिकल जांच करवाई थी, जिसमें साफ हो गया है कि वह नशा करने के आदी है।
अब एसटीएफ की टीम एसएचओ अमनदीप गिल का भी मेडिकल कराएगी। रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट किया जाएगा कि वह नशा करता है या नहीं। उन्होंने कहा कि टीम अब यह जांचने में जुटी है कि एसएचओ अमनदीप गिल नशा तस्करों के संपर्क में कितने समय से था और वह पहले भी नशा तस्करी के धंधे में संलिप्त रह चुका है या नहीं।
सरकारी के बजाए साथ रखता था निजी ड्राइवर
एसएचओ अमनदीप सिंह गिल के साथ गिरफ्तार किया गया उनका ड्राइवर अजय पिछले करीब नौ साल से नौकरी कर रहा है। अमनदीप सिंह ज्यादातर अजय को ही अपने साथ रखता था। पुलिस टीम आरोपी अजय से पूछताछ कर पता लगाने में जुटी है कि वह किन-किन गलत कार्यो में संलिप्त था। पुलिस की टीमें अलग-अलग तरीकों से जांच कर रही है। आईजी आरके जायसवाल का कहना है कि अभी इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
कांग्रेसी पार्षद का रिश्तेदार है एसएचओ अमनदीप सिंह गिल
बताया जा रहा है कि एसएचओ अमनदीप सिंह गिल का एक रिश्तेदार लुधियाना में कांग्रेसी पार्षद है। कांग्रेसी पार्षद की एक पूर्व मंत्री के साथ काफी नजदीकियां है और इस समय विधायक भी है। बताया जा रहा है कि अपनी राजनीतिक पैठ के चलते अमनदीप सिंह थाना प्रभारी लगा था और उसके बाद वह कुछ समय जालंधर में रहने के बाद फिर से बदली कराकर लुधियाना आ गया था।
संगरूर जिला जेल में तैनात एक सब इंस्पेक्टर को 20 ग्राम स्मैक और तीन ग्राम सुल्फा सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी एसआई जेल में बंद गैंगस्टरों की निगरानी करता था और उन्हें ही नशा सप्लाई करता था। जेल सुपरिंटेंडेंट बलविंद्र सिंह ने बताया कि सब इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह जेल में बंद गैंगस्टरों पर निगरानी के लिए तैनात था। उसके साथ 12 अन्य पुलिस मुलाजिम भी तैनात थे।
जेल में तैनात हुए उसे करीब डेढ़ माह का समय हुआ था। जेल कर्मियों को शक था कि गैंगस्टरों को कोई व्यक्ति नशा सप्लाई करने की फिराक में है। हेड वार्डन जोगिंदर सिंह को सब इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह पर शक था। जब सब इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह की तलाशी ली तो उसकी पगड़ी से लिफाफे में तकरीबन 20 ग्राम स्मैक और 2 ग्राम सुल्फा बरामद हुआ। डीएसपी मनजीत सिंह ने बताया कि सब इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।