आठ साल पहले मृत सत्तू लोहार सहित एक नि:शक्त रिंकू के खिलाफ बिजली निगम के एसडीओ ने ड्यूटी में बाधा पहुंचाने, मारपीट करने और अभद्रता का मामला दर्ज किया है।
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घटना से अंटहेड़ी गांव में बिजली निगम और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ गुस्सा है। आरोप है कि ये कार्रवाई फर्जी है। हालांकि एसडीओ सतिंद्र सिंह कुंडू का कहना है कि उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत निगम के तीन कनिष्ठ अभियंताओं की शिकायत के आधार पर की है। उन्होंने जो नाम दिए थे, उन्हीं की शिकायत को पुलिस ने आधार बनाया है।
एसएचओ ने कहा, अभी तफ्तीश होनी है
थाना बाबैन के एसएचओ मुनीश कुमार के मुताबिक विद्युत निगम के एसडीओ सतिंद्र सिंह कुंडू की शिकायत पर पुलिस ने अंटेहड़ी वासी सत्ता लोहार एवं रिंकू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 332, 353 एवं 427 के तहत मामला दर्ज किया है।
इनमें से एक की मौत हो चुका है और दूसरा शारीरिक तौर पर अक्षम है। इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी लेकिन पुलिस की तफ्तीश के दौरान ये सब स्पष्ट हो जाएगा। क्योंकि पुलिस को अभी इस मामले में तफ्तीश करनी है।
24 अप्रैल 2006 में हो चुकी है सत्तू की मौत
विद्युत निगम के एसडीओ ने जिस सत्तू लोहार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, उसकी मौत 24 अप्रैल 2006 को हो चुकी है। पुलिस ने जिस दूसरे आरोपी रिंकू पुत्र समय सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है वह एक नि:शक्त व्यक्ति है।
रिंकू की एक बाजू नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार इस शिकायत से स्पष्ट होता है कि सरकारी कामकाज में बाधा डालने के नाम पर कैसे निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाती है।
ये है एसडीओ का पक्ष
बिजली निगम पिपली के उप-मंडलाधिकारी सतिंद्र सिंह कुंडू ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि तीन जेई सहित निगम की टीम गांव अंटेहड़ी में बिजली चोरी पकड़ने गई थी।
इस दौरान गांव के सत्ता लोहार, रिंकू पुत्र समय सिंह व गांव के अन्य लोंगो पर सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने के अलावा बिजली कर्मचारियों के साथ अभ्रद व्यवहार, गाली-गलौज व मारपीट की।
एसडीओ के मुताबिक वह मौके पर नहीं थे। उनकी टीम ने जो शिकायत दी उसी के आधार पर उन्होंने आरोपियों के नाम थाना बाबैन में कार्रवाई की लिखित शिकायत दी है।
निगम ने मृत पिता को अपमानित किया
अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि निगम के अधिकारियों ने उसके मृत पिता सत्तू लोहार उर्फ सतपाल सिंह के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर कर अपमानित करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि उनके घर पर न तो बिजली की चोरी थी और न ही बिजली निगम की टीम उनके घर आई। इसके बावजूद उनके मृत पिता के खिलाफ गलत मामला दर्ज करा दिया गया। अशोक ने कहा कि वह इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
अंटहेड़ी वासी मारपीट के दूसरे आरोपी रिंकू का कहना है कि वह एक अपंग आदमी है और उसकी एक बाजू नहीं है। ऐसे हालात में वह किसी के साथ कैसे मारपीट कर सकता है, ये बात न उन्हें समझ आ रही और ना ही गांव वालों को।
रिंकू ने बताया कि जब वह खेतों से काम करके घर लौट रहा था तो बिजली कर्मियों की गांव की कुछ महिलाओं के साथ कहासुनी हो रही थी।
उसका कहना है कि उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराने के अलावा बिजली कर्मचारियों को बिठाया और उन्हें पानी पिलाया।
बावजूद इसके निगम ने उनके ही खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा दिया है। रिंकू ने कहा कि वह इस कार्रवाई से मानसिक तौर पर काफी परेशान है।