मानसा की एक लेडी कांस्टेबल ने एक एसएचओ द्वारा लंबे समय तक शारीरिक शोषण से तंग आकर व उसकी मानसा पुलिस द्वारा कोई सुनवाई न होने देने को लेकर थाना मुखी के घर के आगे आत्मदाह करने की धमकी दी है।
लेडी कांस्टेबल ने एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए वुमन सेल चंडीगढ़ को पत्र लिखा है वहीं अब लेडी कांस्टेबल को जबरदस्ती छुट्टी पर भेजा जा रहा है।
लेडी कांस्टेबल का कहना है कि वुमन सेल चंडीगढ़ को लिखे पत्र को वापस न लेने के चलते पुलिस द्वारा किसी महिला से पैसे लेने का झूठा आरोप लगाकर मामला दर्ज करने की धमकी दी जा रही है।
बेहोशी की दवा पिलाकर करता था जबरदस्ती
पीड़ित ने बताया कि 2011 में थाना सदर के मुखी व साईं बाबा मंदिर कमेटी मानसा के अध्यक्ष मनजीत सिंह (बठिंडा के थाना रामा मंडी में तैनात) ने उसे ड्यूटी पर तैनात करने को लेकर परेशान किया और फिर जबरदस्ती दो वर्ष तक उसके साथ संबंध बनाए।
उसने बताया कि एसएचओ मनजीत सिंह उसके साथ धर्म बदलकर शादी करवाने की बात भी करता था। कांस्टेबल ने बताया कि कई बार रात की ड्यूटी के बहाने मनजीत सिंह अपने घर में ले जाकर बेहोशी की दवा पिलाकर उससे जबरदस्ती करता रहा और किसी को बताने पर सबक सिखाने और नौकरी से निकलवाने की धमकियां देता रहा।
उसने बताया कि मानसा के पुलिस अधिकारियों ने उल्टा उस पर समझौता करने का
दबाव डाला। उसने कई बार सांसद हरसिमरत कौर बादल से भी मिलने की कोशिश की
लेकिन इन अफसरों ने सांसद से उसे मिलने नहीं दिया।
ह्यूमन राइट्स कमीशन भेजी शिकायत
उसने बताया कि इस पर उसने वुमन सेल चंडीगढ़ और ह्यूमन राइट्स कमीशन के पास शिकायत भेजी है। उसने बताया कि इस अर्जी को वापस करवाने के लिए मनजीत सिंह और मानसा पुलिस उस पर भीखी की किसी औरत से पैसे लेने का आरोप लगाकर मामला दर्ज करने की धमकियां दे रहे हैं।
उसने कहा कि अगर मामले में कार्रवाई न हुई तो वह थाने के आगे आत्मदाह कर लेगी। वहीं थाना रामा मंडी के एसएचओ मनजीत सिंह ने लेडी कांस्टेबल के साथ संबंधों की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले में काफी समय पहले समझौता हो गया था।
इसकी रिपोर्ट आईजी को जा चुकी है। बठिंडा रेंज के आईजी परमराज सिंह उमरानंगल ने कहा कि वह लेडी कांस्टेबल को बुलाकर इस मामले में पूछताछ करेंगे।