बाल निकेतन सोसाइटी की बच्चियों ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कुछ दिन पहले यह शिकायत की थी कि सोसाइटी का सुपरवाइजर मनीष कुमार उनके साथ शारीरिक छेड़छाड़ करता है। बच्चियों ने बताया कि मनीष कुमार उन्हें गले लगाता है और उनके शरीर को अकसर किसी न किसी बहाने से छूता है।
वह उनके बेड पर भी आकर बैठ जाता है। चाइल्ड हेल्प लाइन ने मामले की जानकारी समाज कल्याण निदेशक को दी। इसके बाद 3 अप्रैल को जांच कराने के आदेश दिए गए और बच्चियों की शिकायत पर जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई जिसमें जसविंदर कौर, अनामिका पासी और तबस्सुम खान शामिल थे। इन बच्चियों ने सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय के सिंगल विंडो में भी लिखित में शिकायत दी थी।
आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
सेक्टर-15 स्थित बाल निकेतन सोसाइटी में बच्चियों का यौन उत्पीड़न हो रहा था। विभाग द्वारा कराई गई जांच में खुलासा हुआ है कि सुपरवाइजर मनीष कुमार ही बच्चियों का यौन शोषण कर रहा था और अटेंडेंट मंजीत कौर और मीना शर्मा ने जानकारी के बावजूद मामले को दबाए रखा।
डीसी मोहम्मद शाइन के निर्देश पर समाज कल्याण निदेशक राजेश जोगपाल ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एसएसपी सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मनीष कुमार के खिलाफ सेक्टर-11 थाने में धारा 354, 354-ए और पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसमें अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
कमेटी की जांच रिपोर्ट में यह लिखा है
कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि बाल निकेतन की बच्चियों ने सुपरवाइजर मनीष कुमार पर जो आरोप लगाए हैं वह सही है। वह इन बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न करता था।
कमेटी के समक्ष अटेंडेंट मंजीत कौर ने भी माना कि मनीष कुमार दुर्व्यवहार करता था। मंजीत कौर ने कहा कि उन्होंने इसकी जानकारी अपनी सीनियर अटेंडेंट मीना शर्मा को दी थी। लेकिन, मीना शर्मा ने इस मामले की जानकारी सोसाइटी की मानद सचिव अमर कुलवंत सिंह को नहीं दी। ऐसे में मंजीत कौर और मीना शर्मा भी बराबर की जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बेवजह बच्चियों को छूने की कोशिश करता था
जांच कमेटी के समक्ष मनीष कुमार ने बयान दिया कि वह इन बच्चियों को गले लगाता था और उन्हें छूता भी था और पीठ पर हाथ भी लगाता था। लेकिन, वह ऐसा किसी गंदे इरादे से नहीं बल्कि एक पिता की तरह करता था।
मनीष कुमार के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया कि वह बेवजह बच्चियों को छूने की कोशिश करता था। जांच कमेटी के सामने मानद सचिव अमर कुलवंत सिंह ने बयान दिया कि मनीष कुमार को सिर्फ उस समय डारमेटरी में जाने की मंजूरी दी जाती थी जब बच्चे स्कूल गए होते थे। लेकिन, बच्चियों ने अपने बयान में कहा कि वह उस समय भी उनके पास आता था जब वे डारमेटरी में मौजूद होती थीं। जांच कमेटी ने बच्चियों और सचिव के अलग अलग बयानों पर भी सवाल उठाए हैं।