इसी घोड़े को 44 लाख रुपये में बेचा।
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मारवाड़ी नस्ल के बीमार घोड़े को स्वस्थ दिखाकर उसे 44 लाख रुपये में पंचकूला के पोल्ट्री फार्म मालिक को बेचने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस धोखाधड़ी की शिकायत रायपुररानी थाने में दर्ज करवाई है। मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है। हरियाणा के पंचकूला सेक्टर-25 निवासी अजीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रायपुररानी के गढ़ी कोटाहा में उनका पोल्ट्री फार्म है।
वह घोड़े की खरीद-बिक्री का भी काम करते हैं। तीन जुलाई 2022 को उन्होंने मानसा (पंजाब) निवासी हरदीप सिंह से 44 लाख रुपये में मारवाड़ी नस्ल का एक घोड़ा खरीदा था। उनको जब घोड़ा दिखाया गया था तो वह ठीक था और उन्हें बताया गया था कि अगर घोड़े के स्वास्थ्य को लेकर कोई भी शारीरिक समस्या आती है तो उसकी जिम्मेदारी उनकी होगी। इसके बाद वह घोड़े को लेकर पंचकूला आ गए लेकिन दो दिन बाद ही घोड़े को चलने में परेशानी होने लगी। इस पर उन्होंने डॉक्टर को बुलाया। डॉक्टर ने जांच की तो पता चला कि घोड़ा दो वर्ष पुरानी एक गंभीर बीमारी से ग्रसित है। शिकायतकर्ता ने इस बारे में हरदीप सिंह से संपर्क किया और उसको बीमारी के बारे में बताया लेकिन आरोपी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
इंजेक्शन के प्रभाव तक स्वस्थ रहता है घोड़ा
शिकायतकर्ता अजीत को डॉक्टर ने बताया कि घोड़े को एक इंजेक्शन लगाया गया था। जब तक इंजेक्शन का प्रभाव था तब तक घोड़ा ठीक रहता था। टीके का असर खत्म होते ही घोड़े को चलने में परेशानी होने लगी। जब दोबारा हरदीप सिंह से संपर्क किया तो उसने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घोड़े के स्वास्थ्य को लेकर उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
पंचायत भी हुई लेकिन आरोपी ने पैसे नहीं लौटाए
अजीत कुमार ने बताया कि जब उन्हें घोड़े की बीमारी के बारे में पता चला तो वह अपने 40 से 50 जानकारों को साथ लेकर हरदीप के गांव पहुंचे और वहां पर पंचायत भी हुई। पंचायत ने घोड़ा वापस लेकर पैसे लौटाने का फैसला सुनाया लेकिन आजतक उन्हें पैसे वापस नहीं मिले। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी हरियाणा के फतेहाबाद जिले के एक बाबा के साथ मिलकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करता है।