एसीपी डिटेक्टिव मनप्रीत सिंह ढिल्लो का कहना है कि पुलिस की तरफ से हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। जिले को सील कर दिया गया है। बैंक की सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया गया है और बैंक की तरफ आने-जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी को खंगाला जा रहा है। लुटेरे दोपहिया वाहनों पर आए थे, इसलिए प्रबल संभावना है कि वह आसपास के इलाके के रहने वाले हैं। उनका हुलिया और वाहनों की शिनाख्त करने के लिए पुलिस नेटवर्क तेजी से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पुलिस लुटेरों तक पहुंच जाएगी।
सुरक्षाकर्मी सुरिंदर सिंह ने बहादुरी से किया मुकाबला
बैंक कर्मचारियों के मुताबिक सुरक्षाकर्मी सुरिंदर सिंह ने काफी बहादुरी दिखाई। लुटेरों के साथ उसकी हाथापाई हुई। वह मुकाबला करता रहा। एक लुटेरे ने गोली उसके पैर में मारी। इसके बाद भी सुरिंदर ने हिम्मत नहीं हारी और गोली लगने के बाद भी जूझता रहा। इस पर लुटेरों ने उसके सिर में दूसरी गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
चश्मदीद की जुबानी बैंक डकैती की कहानी
बैंक डकैती के प्रत्यक्षदर्शी प्यारा सिंह का कहना है कि वह दोपहर को किसी कार्य के लिए बैंक गए थे। वह बैंक मैनेजर के पास बैठे थे। इसी बीच चार नकाबपोश अंदर आ गए। बैंक मैनेजर ने उनको सामने कुर्सी पर बैठने को कहा। दो लुटेरों के पास बैंक का सुरक्षाकर्मी आ गया और उनकी हाथापाई होने लगी। बाकी दोनों लुटेरों ने पिस्तौल दिखाकर सभी के हाथ ऊपर कराए।
लुटेरों ने सुरक्षाकर्मी सुरिंदर सिंह की बंदूक छीनकर गोलियां निकाल ली। प्यारा सिंह का कहना है कि सभी लुटेरों के पास हथियार थे। लुटेरे पहले सुरक्षाकर्मी के साथ भिड़ गए और जब वह बहादुरी से मुकाबला करता रहा तो एक लुटेरे ने उसके पैर पर गोली मार दी तो दूसरे लुटेरे ने आवाज दी कि यह हटेगा नहीं, इसको मार डालो। इस पर एक लुटेरे ने उसके माथे पर गोली मार दी।
एक लुटेरे ने हम सभी को एक कमरे में एकत्रित कर लिया और पिस्तौल तानकर खड़ा हो गया। दो लुटेरे कैश काउंटर की तरफ चले गए और कैशियर से चाबी मांगी। इस पर उसने कहा कि स्ट्रांग रूम की चाबी उसके पास नहीं है। एक लुटेरे ने कैश के बारे में पूछा तो कैशियर ने कहा कि सामने कैश पड़ा है। इस पर लुटेरों ने कैश काउंटर से ट्रंक को उठाया और फरार हो गए। प्यारा सिंह का कहना है कि यह सबकुछ एक फिल्म की तरह हुआ और चंद मिनट में ही लुटेरे वारदात कर फरार हो गए।