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जन्मदिन से पहले छात्रा ने किया कुछ ऐसा कि उड़ गए मां-बाप के होश, कॉलोनी वाले भी रह गए दंग

Sat, 30 Jun 2018 08:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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एमडीयू में एमएससी की प्रवेश परीक्षा में फेल होने से आहत छात्रा में पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। एमडीयू की टाइप वन कॉलोनी में अपने घर पर ही वारदात को अंजाम दिया। छात्रा का पिता एमडीयू के कुलपति के कार्यालय का सुरक्षा गार्ड है। मामले की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। शव के पास से सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें परीक्षा में कम नंबर आने पर आत्महत्या किए जाने का जिक्र किया हुआ था।
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क्षेत्र के छिछड़ाना गांव निवासी धर्मपाल एमडीयू कार्यालय में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात है। पिछले करीब 20 साल से वह परिवार समेत एमडीयू के टाइप वन में मिले क्वार्टर में रह रहा है। बताया गया कि शनिवार को धर्मपाल सुबह के समय ड्यूटी पर चले गए। घर पर बेटी ममता और रूपेश थी। सुबह करीब साढ़े 9 बजे पिता की घर में ही रखी लाइसेंसी रिवाल्वर से रूपेश ने खुद की कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

मामले की सूचना पाते ही अन्य परिजन व पुलिस भी मौके पर पहुंची। शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें लिखा था कि शुक्रवार को उसने एमएससी आनर्स की प्रवेश परीक्षा दी थी, उसमें उसके कम नंबर आए। जिसके कारण वह आत्महत्या कर रही है। माता पिता से भी आत्महत्या के लिए उसने माफी मांगी थी।
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छात्रा के भाई प्रवेश ने बताया कि हाल ही में रुपेश ने बीएससी की परीक्षा पास की थी। शुक्रवार को उसने एमएससी ऑनर्स में प्रवेश के लिए एमडीयू में परीक्षा दी थी। मगर परीक्षा में कम नंबर आने के बाद से ही वह परेशान थी। हालांकि परिजनों ने उसे समझाया भी था। 17 जुलाई को रूपेश का जन्मदिन था। मगर इससे पूर्व ही उसने आत्महत्या कर ली।  पुलिस ने पीजीआईएमएस थाने पर मामले की रिपोर्ट दर्ज की है। 

पीजीआईएमएस एसएचओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि, छात्रा ने एमएससी की प्रवेश परीक्षा में कम नंबर आने से क्षुब्ध होकर ही आत्महत्या की है। मामला दर्ज कर लिया गया है।

पापा एक बार गले लगा लियो
परिजनों ने बताया कि रूपेश के प्रवेश परीक्षा में 17 नंबर आए थे। सिर्फ दो नंबर ही कम थे। जिसके कारण वह मानसिक तनाव में थी। आत्महत्या से पूर्व छात्रा ने सुसाइड नोट भी छोड़ा। जिस पर छात्रा ने लिखा था कि मम्मी-पापा सॉरी। मैं बहुत मेहनत कर रही थी। मैं बहुत पढ़ना चाहती थी और मेहनत करना चाहती थी, लेकिन मां पता नहीं... मेहनत का रिजल्ट नहीं मिला। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं। पापा मुझे एक बार गले जरूर लगा लेना। ममता का भी ध्यान रखना।

वह यह सदमा लेकर नहीं जी पाएगी। मेरे पढ़ने के बावजूद भी मुझे कुछ नहीं मिला। मैं यह अपनी मर्जी से कर रही हूं। मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना। मेरा बर्थडे भी आ रहा है। बहुत कुछ सोचा था पर क्या करूं, किस्मत ही धोखा दे गई। कोई नहीं आप बहुत ही अच्छे हो। मेरे बीएससी के 83 प्रतिशत कोई काम नहीं आए। मैं बहुत दुखी होगी। मम्मी माफ कर देना।  -रूपेश

पांच भाई बहनों में चौथे नंबर की थी रूपेश
प्रवेश ने बताया कि उसके अलावा परिवार में बहन आशा, ऊषा उसके बाद रूपेश व ममता है। रूपेश की मौत पर परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। कॉलोनी के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
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