बात्तीश सर्विस स्टेशन के नजदीक बुधवार को अपने ही स्कूल की वैन ने चार वर्षीय बच्ची की जान ले ली।
बरवाला स्थित दुर्गा पब्लिक स्कूल की वैन के ड्राइवर ने बच्ची को घर के ठीक सामने रांग साइड उतार दिया और जैसे ही बच्ची आगे बढ़ी, ड्राइवर ने वैन चला दी।
इससे बच्ची पहिये के नीचे आ गई। इसके बाद ड्राइवर होश खो बैठा और वैन बैक कर दी, जिससे बच्ची के ऊपर से दोबारा वैन गुजर गई।
इस घटना के दौरान बच्ची की बड़ी बहन भी साथ थी। उसके चिल्लाने पर परिजन मौके पर पहुंचे। इसी बीच ड्राइवर मौके से फरार हो गया।
बतौड़ निवासी बच्ची की मां संदीप कौर ने बताया कि उनकी छोटी बेटी चार वर्षीय निताशा दुर्गा पब्लिक स्कूल में केजी और बड़ी बेटी सात वर्षीय तमन्ना तीसरी कक्षा में पढ़ती थी।
बुधवार को स्कूल में छुट्टी होने के बाद वैन के ड्राइवर ने दोनों बच्चियों को बात्तीश सर्विस स्टेशन के नजदीक उनके घर पर छोड़ने आया। घर के ठीक सामने वैन रुकी और ड्राइवर ने बच्ची को रांग साइड उतार दिया।
जैसे ही निताशा वैन से उतरकर अपने घर की तरफ सड़क पार करने लगी, ड्राइवर ने वैन चला दी और निताशा स्कूल वैन के ही पहियों के नीचे आ गई। इसके बाद घबराहट में ड्राइवर ने वैन को बैक कर दिया, जिससे वैन दोबारा निताशा के ऊपर से गुजर गई।
यह देखकर बड़ी बेटी तमन्ना चिल्ला उठी और जब वह घर के दरवाजे पर आई तो निताशा को वैन के नीचे पड़ा देखा। घटना के बाद ड्राइवर पंजाब के मोहाली जिले के बेहड़ा निवासी जैन सिंह, पुत्र जीत सिंह फरार हो गया।
हर दिन गेट पर उतारता था ड्राइवर
बच्ची की मां ने बताया कि वैन का ड्राइवर हर दिन उनके घर के सामने गेट पर बच्चियों को उतारता था, लेकिन बुधवार को वह आगे गया और वैन मोड़कर घर के सामने तक पहुंचा। ड्राइवर ने रांग साइड में बच्ची को उतार दिया। इसके बाद ही यह घटना हुई।
वैन में बैठे बाकी बच्चों को पुलिस ने घर तक छोड़ा
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-6 पंचकूला पहुंचाया और वैन में सवार बाकी बच्चों को पुलिस ने खुद ही वैन चलाकर घर तक पहुंचाया। पुलिस चौकी इंचार्ज सुखबीर सिंह ने बताया कि बच्ची का पोस्टमार्टम वीरवार को होगा। पुलिस ने लड़की के पिता चरणजीत की शिकायत पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वैन में परिचालक तक नहीं
स्कूल वैन में कोई परिचालक नहीं था। चालक ही बच्चों को लेकर आता-जाता था। वैन में बच्चे खुद ही चढ़ते-उतरते थे। इसके अलावा स्कूल वैन पीले रंग से रंगा होना चाहिए, जबकि यह सफेद रंग की थी।
अभिभावकों में गुस्सा
स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावक जितेन्द्र सैनी, रविन्द्र पाल, ओमपाल, प्रवीण, परमजीत कौर ने बताया कि बरवाला क्षेत्र के कई प्राइवेट स्कूलों की वैन या बसों में परिचालक नहीं है।
बच्चे खुद ही सड़क पार करते हैं। वैन व बस में चढ़ते-उतरते हैं। कई स्कूली बसों में ड्राइवर ऐसे हैं, जिनके पास लाइसेंस तक नहीं है। पुलिस प्रशासन भी इन वैन व बस चालकों पर सख्ती नहीं बरतती है।