संत रामपाल की गिरफ्तारी के साथ ही आश्रम में हो रही करतूत सामने आने लगी है। आश्रम से बाहर आई एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ आश्रम में कई दिनों से दुराचार किया जा रहा था।
पीड़ित महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह अपने पति और बच्चे के साथ यहां आई हुई थी। सात दिनों से वह आश्रम में ही है। उसके पति से पांच दिनों से संपर्क नहीं हो रहा। पिछले कई दिनों से उससे दुराचार किया जा रहा है।
करौंथा कांड के बाद संत रामपाल ने करीब छह साल में बरवाला के सतलोक आश्रम में सत्ता जमा ली। करौंथा कांड से सबक के बाद आश्रम में हर तरह के प्रबंध किए गए। पुलिस की मानें तो आश्रम में गोला बारूद व राइफल भी हैं। जिन अनुयायियों को तीन दिन पहले पुलिस ने पकड़ा था उसने बताया कि हथियार रखने के लिए एक स्पेशल लॉकर भी आश्रम में मौजूद है।
आश्रम में गुफा होने की संभावना
आश्रम को इस ढंग से बनाया गया है कि उसमें लोगों द्वारा गुफा होने की संभावनाएं भी जताई जा रही है । सतलोक आश्रम की जमीन की कीमत करीब 50 करोड़ रुपये के आसपास की है।
पहले दौलतपुर में बनाया जाना था आश्रम
अनुयायियों की मानें तो सतलोक आश्रम बरवाला के पास ही दौलतपुर गांव में बनाया जाना था। आरंभ में संत को वहां पर ढाई एकड़ जमीन मिली। वर्ष 2008 के आसपास संत ने बरवाला के पास टोहाना रोड पर ही करीब 14 एकड़ जमीन पर सतलोक आश्रम खड़ा कर दिया।
ट्रेनिंग सेंटर हर तरह की सुविधा है अंदर
बताया जा रहा है कि सतलोक आश्रम के अंदर ही ब्लैक ड्रैस कमांडों को ट्रेनिंग दी जाती है। इसका प्रदर्शन उन्होंने ऑपरेशन से पहले खुद भी किया था। कैसे आंसू गैस के गोलों से बचा जाए इसकी तरकीब भी सिखाई जा रही थी। पेट्रोल बम तैयार करने, तेजाब फेंकने की जवाबी कार्रवाई भी आश्रम में संदेहपूर्ण रही हैं। इतना ही नहीं अनुयायियों का तो यहां तक कहना है कि आश्रम में लोहा पिघलाने की मशीन भी है। सूत्रों की मानें तो इस मशीन के जरिए संभवत: हथियार बनाए जाते हैं।
आखिर क्यों हैं एमपी, यूपी व बिहार के अधिक अुनयायी
संदेह यह भी जताया गया है कि आश्रम में सबसे अधिक यूपी, बिहार व एमपी के लोग हैं। जो हथियार बनाने में माहिर हैं।