आईए आपको मिलाते हैं एक ऐसे परिवार से, जिसके हर मेंबर के नाम पर क्रिमिनल रिकार्ड है। सभी जेल जा चुके हैं। युवतियां भी शातिर हैं। परिवार का मुखिया है सतबीर सिंह बावरिया।
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अंग्रेजी दैनिक हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक 43 साल के सतबीर हरियाणा के मोस्ट वांटेड क्रिमिनल्स में से एक हैं, जिन्हें 16 साल के बाद दिल्ली पुलिस ने तिलक नगर से गिरफ्तार किया। करनाल में पुलिस टीम पर हमला कर फरार सतबीर दिल्ली में राजकुमार के नाम से रहता था। उसी ने अपने परिवार को जुर्म की हर ट्रेनिंग दी।
सतबीर के परिवारिक सदस्यों के नाम पर लंबी क्राइम लिस्ट पुलिस रिकार्ड में मौजूद है। उसकी पत्नी 40 साल की कमलेश को कोर्ट की ओर से तीन चोरी के केसों में दोषी पाया जा चुका है। उन्हें भी इंस्पेक्टर राजपाल दबास की टीम ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।
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दो बेटे, दो बेटियां, सभी क्रिमिनल
Singh, Satbir Singh family
- फोटो : hindustan times
इस दंपति के दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा उदय तो फरवरी में आउटर दिल्ली में हुए सड़क हादसे में उस समय मारा गया, जब वह मोटरसाइकिल चुराकर भाग रहा था। एक आदमी ने उसके शव को सड़क किनारे पड़ा देखा, उसकी जेब से पिस्टल भी मिली।
बेटियां ज्योति और मल्लिका दुकानों में चोरी के आरोप में 2007 और 2015 में गिरफ्तार हो चुकी हैं। इसके अलावा इन दोनों पर दुकानों और मॉल्स में चोरी के कई आरोप हैं। 15 साल का सबसे छोटा बेटा पड़ोसी के घर में चोरी करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
पिछले 16 साल से सतबीर का पारिवारिक व्यवसाय इसी तरह फल फूल रहा था। पिछले सालों में सतबीर दो बार गिरफ्तार हुआ, लेकिन दोनों बार वह दिल्ली पुलिस की आंखों में ये कहते हुए धूल झोंकने में कामयाब हो गया कि वह राजस्थान का गरीब किसान राजकुमार है, जिसका दामन बेदाग है।
अभी हाल ही में सतबीर ने राजस्थान में 50 लाख रुपये की 45 बीघा जमीन खरीदी। दो साल पहले परिवार के लिए मारूति कार खरीदी थी। उदय ने मोटरसाइकिल खरीदना था। सतबीर ने पड़ोसियों को बताया था कि ये कार उन्हें उनके रिश्तेदारों ने दी है, जोकि धनवान हैं। किसी ने भी उम्मीद नहीं की थी कि छह बड़े अपराध के केस उसके खिलाफ दर्ज हैं।
सतबीर ने कबूला कि उसने गिरफ्तारी के बचने के लिए कई बार कानून तोड़ा। उसके बड़े भाई मोहर सिंह के बेटे कुलदीप और जरनैल भी उसके गिरोह में थे। ये दोनों सतबीर वाले केस में ही गुड़गांव जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। पुलिस के मुताबिक मोहर सिंह के खिलाफ अभी कोई केस नहीं बना।
सतबीर की बहन बंतो भी पंजाब में चोरी के मामले में जेल जा चुकी है। उसके दो बेटे विजय और राजेंद्र भी डकैती में नामजद हैं।
सतबीर के दूसरा भाई फतेह सिंह अभी हाल ही में पंजाब जेल में 10 साल की सजा काटकर बाहर आया है। फतेह का बेटा फूल सिंह, जोकि कत्ल और लूट के केस में वांछित था, कुछ साल पहले मारा गया। सतबीर का दोस्त रोहताश, जोकि पुलिस हिरासत में था, पुलिस एनकाउंटर में मारा गया और गैंग का एक सदस्य कुलदीप का 2002 में कत्ल हो गया था। सतबीर अपने साथी सदस्यों की तरह मरना नहीं चाहता था, इसलिए उसने अपने परिवार के साथ काम करने की सोची और उन्हें क्राइम की ट्रेनिंग दी।