सतलोक आश्रम के मुखी रामपाल की अनुयायी एवं राजदार बलजीत की बेटी बबीता उर्फ बेबी ने संत को बचाने के लिए अहम सुबूत जला दिए थे। पुलिस रिमांड में बबीता ने इस बात को कबूला है। पुलिस की मानें तो जब रामपाल और उसके प्रबंधकों को यह पता चल गया था कि अब वे किसी भी हालात में पुलिस के शिकंजे से नहीं बच पाएंगे तो उन्होंने पहले ही कंप्यूटर्स से हार्ड डिस्क निकाली और उन्हें आग लगा दी।
इतना ही नहीं पुलिस की मानें तो सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई डीवीआर की रिकॉर्डिंग और जरूरी कागजात भी बबीता ने ही नष्ट करवा दिए। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि आश्रम में भारी मात्रा में नकदी थी, जिसे भी जलाया गया था। हालांकि इस बारे अभी बबीता से गहनता से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार जो रिकॉर्ड बबीता ने जलाए थे, वे काफी अहम हो सकते थे। इन सबूतों के आधार पर पुलिस सभी अभियुक्तों पर आरोप तय कर सकती थी। इसके अलावा इन सुबूतों के आधार पर रामपाल और उसके खास राजदारों पर कुछ और संगीन धाराएं लगाई जा सकती थीं।
ऑपरेशन अरेस्ट वाले दिन ही जला दिए थे सबूत
पुलिस का कहना है कि बबीता ने पूछताछ में बताया है कि 19 नवंबर को जिस दिन ऑपरेशन अरेस्ट शुरू हुआ था और पुलिस व अनुयायियों में हिंसक झड़प हुई थी, रामपाल को उसी दिन गिरफ्तारी का अंदेशा हो गया था।
बबीता ने पुलिस को बताया है कि रामपाल के कहने पर उसने उसी रात सभी कंप्यूटर्स से हार्ड डिस्क और डीवीआर की रिकॉर्डिंग भी निकलवा ली। इन सभी को एक जगह एकत्रित कर जला दिया गया।
रामपाल के बेटे वीरेंद्र और बलजीत से भी पूछताछ
रिमांड के दौरान पुलिस रामपाल के बेटे वीरेंद्र उर्फ विजेंद्र और बलजीत से पूछताछ कर रही है। पुलिस की मानें तो रामपाल के बाद बलजीत सर्वेसर्वा था। उसे फाइनेंस के बारे में सब पता था। रुपये कहां और किस बिजनेस में लगाए जा रहे हैं, कहां से रुपये आ रहे हैं और कहां निवेश किए जा रहे हैं, यह सब बलजीत के कहने पर ही होता था।
इसके अलावा पुलिस रामपाल के बेटे से कमांडो के बारे में पूछताछ कर रही है। आखिर रामपाल की सुरक्षा में लगे इतने कमांडो वे कैसे तैयार करते थे। हथियार उन्हें कैसे और कहां से उपलब्ध करवाए जाते थे। पुलिस की मानें तो बलजीत और वीरेंद्र इन सभी सवालों का खुलकर जवाब नहीं दे रहे हैं।
वर्जन
बबीता ने हार्ड डिस्क और अहम सुबूत जला दिए थे। पुलिस बबीता, उसके पिता बलजीत और रामपाल सहित अन्य सभी से गहनता से पूछताछ कर रही है।
: राजबीर सैनी, बरवाला डीएसपी।