समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में जेल में बंद स्वामी असीमानंद की जमानत अर्जी पर एनआईए ने जवाब दाखिल करने के लिए और समय देने की मांग की है। इस पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी।
याचिका पर हाईकोर्ट के जस्टिस एसके मित्तल की एकल बेंच ने पिछली सुनवाई पर नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को नोटिस जारी करके जवाब मांगा था।
असीमानंद के खिलाफ समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में एनआईए ने पंचकूला की अदालत में दोष पत्र दाखिल किए थे। इस मामले में अभी ट्रायल जारी है। एनआईए के गवाहों की फेरहिस्त लंबी है।
असीमानंद ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर करके दलील दी थी कि करीब सौ से अधिक गवाहों की गवाहियों में लंबा समय लग सकता है और इस लिहाज से उन्हें लंबे समय तक जेल में ही रखना सही नहीं होगा, लिहाजा उन्हें जमानत दी जाए।
असीमानंद ने जमानत अर्जी के साथ पंचकूला की अदालत में चल रहे ट्रायल पर रोक लगाने और एफआईआर रद किए जाने की मांग भी की थी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है।
असीमानंद के अलावा दो अन्य सहअभियुक्तों ने भी अर्जियां दाखिल की थीं। उनका कहना है कि एनआईए ने कुछ दस्तावेज उन्हें मुहैया नहीं कराए हैं। इन अर्जियों पर भी एनआईए से जवाब तलबी की गई है।