पानीपत के बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले में बुधवार को पंचकूला की विशेष एनआईए अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान एनआईए को बड़ा झटका तब लगा जब दो गवाह अपने ही दिए बयान से मुकर गए। बचाव पक्ष के वकील मुकेश गर्ग ने बताया कि सुनवाई में बुधवार को फरीदाबाद शूटिंग रेंज से आए आलोक और चरण सिंह नाम के दो गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं। ये दोनों ही अदालत में सुनवाई के दौरान पूर्व में दिए गए अपने ही बयानों से पलट गए। इससे पहले भी करीब 30 से ज्यादा गवाह अपने बयानों से पलट चुके हैं। इस केस में एनआईए का पक्ष लगातार कमजोर पड़ता जा रहा है। मामले में अब तक करीब 183 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।
बता दें कि एनआईए कोर्ट में आईपीसी की धाराओं 120, 302, 307, 124ए, 440 और रेलवे एक्ट 150, 151 के साथ डैमेज टू पब्लिक एक्ट के तहत 3, 4 के साथ धारा 16 व 17 सहित 18 धाराओं में आरोपियों के खिलाफ आरोप पहले ही तय किए जा चुके हैं। इसके बाद अब मामले का ट्रायल पंचकूला की विशेष एनआईए कोर्ट में चल रहा है। मामले में अभी कई महत्वपूर्ण गवाहियां होना शेष है।
जिक्रयोग है कि 18 फरवरी, 2007 का समझौता एक्सप्रेस विस्फोट एक आतंकवादी घटना थी। इसमें भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली ट्रेन समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुए थे। यह ट्रेन दिल्ली से अटारी, पाकिस्तान जा रही थी। विस्फोट हरियाणा के पानीपत जिले में चांदनी बाग थाने के अंतर्गत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक हुए थे। विस्फोट से लगी आग में 68 व्यक्तियों की मौत हुई थी और 13 लोग घायल हुए थे। ब्लास्ट में मारे गए ज्यादातर लोग पाकिस्तानी नागरिक थे।