पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में हुए करोड़ों रुपये के सैलरी स्कैम की जांच रिपोर्ट आने के बाद बोर्ड मैनेजमेंट ने मंगलवार शाम को दस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिए। साथ ही दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने का फैसला लिया। बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. तेजिंदर कौर धालीवाल ने इसकी पुष्टि की है।
गत वर्ष बोर्ड में सैलरी स्कैम उजागर हुआ था। तीस से अधिक मुलाजिमों की सैलरी से एक बार छेड़छाड़ हुई थी। तब यह मामला पूरी तरह तूल पकड़ गया था। फिर बोर्ड ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। साथ ही पंजाब यूनिवर्सिटी के एक रिटायर अधिकारी बीएल गुप्ता को मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
बीस दिन पहले ही उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट बोर्ड को सौंपी थी। इसके बाद बोर्ड ने मंगलवार को कार्रवाई की। सस्पेंड किए लोगों में शुभकरन सिंह, गुरमिंदर सिंह, मोहन सिंह, जोगिंदर सिंह, हजारी लाल, राम सिंह, बलबीर सिंह, सुभाष कुमार, सतीश कुमार और मंगल सिंह शामिल हैं। जबकि चेयरपर्सन ने शुभकरन और एक रिटायर मुलाजिम मेेहर सिंह पर पुलिस केस दर्ज करवाने का फैसला किया है।
इसके अलावा चेयरपर्सन ने बोर्ड के रिटायर कर्मचारियों महाराजदीन सिंह, चरनजीत सिंह चावला, देवराज, मनजीत सिंह व मेहर सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें दर्जा चार से लेकर सीनियर असिस्टेंट तक शामिल हैं।
जिक्रयोग है कि इस मामले में मुख्य आरोपी तरुण भागीरथ को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। बीएल गुप्ता कमेटी ने मामले में 19 लोगों को दोषी ठहराया था।
ऐसे करते थे ठगी
जानकारी के मुताबिक ये लोग फोर्थ क्लास के मुलाजिम को शिकार बनाते थे। उन्हें ब्याज पर पैसे देकर उनका एटीएम अपने पास रख लेते थे। इसके बाद मनमर्जी से उनके खाते में पैसे डालते रहते थे। जब दूसरे मुलाजिमों की सैलरी से छेड़छाड़ हुई तो इसकी भनक लगी थी।
बहन विदेश में, खाते में डाल दिए 34 लाख रुपये
मामले के मुख्य आरोपी तरुण भागीरथ की बहन विदेश में रहती है। उसने बहन को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का मुलाजिम बताकर उसका एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया था। इसके बाद उसके खाते में करीब 34 लाख की रकम जमा करवा दिए थे। जब तरुण को पकड़ा गया था तो यह बात सामने आई थी।