अंबाला सेंट्रल जेल से एक पूर्व सैनिक रणजीत सिंह ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के एक सराफा व्यापारी से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी है।
आरोपी पूर्व सैनिक ने अपने मोबाइल से 3 बार एसएमएस कर व्यापारी को जल्द से जल्द रंगदारी की राशि देने को कहा। पैसे नहीं देने पर आरोपी ने गोली से उड़ाने की धमकी भी दी।
उसने एसएमएस से व्यापारी को बताया कि उससे रंगदारी की रकम वसूलने उसका कौन आदमी आएगा।
इस मामले की जांच कर रही मंडी पुलिस को उस वक्त बड़ी कामयाबी हासिल हुई, जब पुलिस ने एसएमएस भेजने वाले मोबाइल की लोकेशन मशक्कत के बाद मालूम कर ली।
लोकेशन अंबाला सेंट्रल जेल की निकली। उसके बाद मंडी पुलिस ने अंबाला सेंट्रल जेल में बंद रणजीत सिंह को काबू कर उसे अदालत में पेश किया और उसे 10 दिन के प्रोडेक्शन रिमांड पर ले गई।
यह है मामला
दरअसल, अंबाला के बराड़ा का रहने वाला रणजीत सिंह फौज में भर्ती था। लेकिन बाद में वह अपने परिवार समेत पटियाला के गांव छन्नामोड़ थाना क्षेत्र जुल्का में शिफ्ट हो गया।
रणजीत सिंह पर आरोप है कि एक मोबाइल नंबर जिसका सिम एक महिला लखविंद्र कौर के नाम से जारी है, से मंडी के एक सराफा कारोबारी को एक के बाद एक तीन बार एसएमएस किया और उससे 30 लाख रुपये की रंगदारी देने को कहा। एसएमएस में लिखा कि जल्द से जल्द राशि का इंतजाम करे और उसका एक आदमी उसके पास आएगा, उसे रंगदारी की रकम दे दे।
यदि उसने ऐसा नहीं किया तो उसे गोली मारी दी जाएगी। मंडी पुलिस के जांच अफसर एसआई भंगालिया ने पुष्टि करते हुए बताया कि अंबाला सेंट्रल जेल से रणजीत सिंह को दस दिन की पुलिस रिमांड में ले लिया गया है।
ऐसे रणजीत तक पहुंची मंडी पुलिस
एसएमएस के जरिये 30 लाख की रंगदारी मांगने की शिकायत सराफा कारोबारी ने पुलिस को दी। मंडी पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। मंडी पुलिस ने पहले तो उस नंबर का पता लगाया कि ये नंबर कहां से हैं और किस के नाम इश्यू है।
पता चलने पर मंडी पुलिस पटियाला रणजीत के गांव पहुंच गई। वहां उस महिला से संपर्क किया गया, जिसके नाम से सिम इश्यू हुआ।
महिला से जानकारी लेते पुलिस रणजीत के एक रिश्तेदार के पास पहुंची और उसने मंडी पुलिस को बता दिया कि ये सिम उसने इश्यू करवाकर अंबाला सेंट्रल जेल में बंद रणजीत को दिया है। उसके बाद मंडी पुलिस ने रणजीत को अब रिमांड पर ले लिया है।
नशा तस्करी में सजायाफ्ता है रणजीत
पूर्व सैनिक रणजीत अंबाला सेंट्रल जेल में नशा तस्करी में सजायाफ्ता है। जानकारी के अनुसार रणजीत अपने एक ट्रक में आठ बैग चूरा पोस्त लेकर जा रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर उसे अंबाला पुलिस ने ही काबू किया था और उसके खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में कोर्ट ने उसे दस साल की सजा भी सुनाई है। अंबाला सेंट्रल जेल में रणजीत अपनी सजा ही भुगत रहा था। मगर अब रंगदारी के एक नए मामले में फंस गया है।