लगातार विवादों में रहने वाली रोहतक पुलिस का एक और कारनामा सामने आया है। मामला एसपी शशांक तक पहुंच गया है। हुआ यूं कि मरीज के उपचार की जल्दबाजी में हेलमेट लगाना भूल गए डॉक्टर को पहले तो पुलिस ने नाके से जाने दिया। फिर एक पुलिस कर्मी ने डॉक्टर से जाति पूछी और जाति पूछने के बाद डॉक्टर का चालान काट दिया गया। एसपी शशांक आनंद ने डॉक्टर की शिकायत पर जांच के आदेश दिए हैं।
दरअसल गांव सिंहपुरा निवासी डॉक्टर भूपेंद्र ने बताया कि वह माता मिसरी देवी चैरिटेबल ट्रस्ट में मरीजों का उपचार करते हैं। एक मरीज की अचानक तबियत खराब होने के कारण वे शुक्रवार देररात रोहतक आ रहे थे। शुक्रवार को ही पुलिस रात को जिलेभर में नाके लगाकर चेकिंग कर रही थी। जब डॉक्टर गौकर्ण चौकी क्षेत्र में लगे पुलिस नाके पर पहुंचे तो पुलिस ने जांच के लिए उनकी बाइक रुकवा ली। फिर उनसे बाइक के दस्तावेज मांगे।
डॉक्टर ने सभी कागजात दिख दिए। बाद में पुलिसकर्मियों ने हेलमेट नहीं होने की बात पूछी। डॉक्टर ने गलती मानते हुए कहा कि वह हेलमेट जल्दबाजी में लाना भूल गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें जाने के लिए बोल दिया। आरोप है कि जब वे बाइक लेकर चलने लगे तो शराब के नशे में धुत एक पुलिसकर्मी ने उनकी बाइक को फिर से रुकवा लिया और उनकी जाति पूछकर बाइक की चाबी निकाल ली।
जिस पुलिसकर्मी ने डॉक्टर को जाने के लिए कहा था, उसी पुलिसकर्मी को आरोपी पुलिसकर्मी ने चालान काटने के आदेश दिए। हैरत की बात यह है कि चालान पर भी डॉक्टर की जाति लिखी गई। पीड़ित डॉक्टर ने शनिवार को एसपी शशांक आनंद को लिखित में शिकायत की। एसपी ने इस मामले में डीएसपी डॉ. पवन कुमार को जांच करने के आदेश दिये हैं।