रोहतक-सोनीपत रोड पर रोडवेज बस में दो बहनों पूजा व आरती के हाथों पिटने वाले तीनों मनचले युवक गिरफ्तार हो गए हैं। आरोपी युवकों को पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, हरियाणा परिवहन विभाग ने सोनीपत रोडवेज की उक्त बस के ड्राइवर और कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया है।
घटना शुक्रवार की थी। पुलिस ने इसका मामला उसी दिन दर्ज कर लिया था, लेकिन रविवार तक गिरफ्तारी नहीं होने पर मामला मीडिया में उठा तो दबाव में आई पुलिस ने आसन गांव के एक खेत से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तीनों आरोपी युवक आसन गांव के रहने वाले हैं। इनमें दीपक व कुलदीप जाट कॉलेज में पढ़ते हैं। तीसरा आरोपी मोहित नेकीराम कॉलेज का स्टूडेंट हैं। तीनों ही बीए सेकंड ईयर के स्टूडेंट हैं। दीपक और कुलदीप ने सेना की भर्ती में भागीदारी की थी। दोनों ने फिजिकल पास कर लिया था। दीपक मेडिकल में रह गया था जबकि कुलदीप मेडिकल क्लियर कर चुका था और फरवरी में उसकी ज्वाइनिंग थी। सूत्र बताते हैं कि सेना ने दोनों के आवेदन फार्म निरस्त कर दिए हैं।
आरोपी युवकों के समर्थन में एसपी से मिलने पहुंचे ग्रामीण
युवकों के गांव आसन से सोमवार दोपहर को करीब डेढ़ से दो सौ ग्रामीण एसपी शशांक आनंद से मिलने पहुंचे। यहां मीडिया से बातचीत करते हुए ग्रामीणों ने युवकों को निर्दोष बताया। साथ ही कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो महापंचायत करेंगे। सड़क भी जाम की जाएगी। यदि युवकों को नहीं छोड़ा गया तो कुछ भी हो सकता है।
हेल्पलाइन से रिस्पांस नहीं
सोनीपत जिले के थाना खुर्द गांव निवासी राजेश कुमार बिजली निगम में बतौर एलडीसी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी दो बेटियां पूजा और आरती रोहतक के आईसी गवर्नमेंट कालेज में बीसीए अंतिम वर्ष की छात्राएं हैं और रोजाना रोडवेज बस से ही रोहतक पढ़ने आती हैं। पूजा व आरती ने बताया कि शुक्रवार को जब बस में मामला घटित हुआ तो इसी बीच बस जब जीडी गोयंका स्कूल के पास रुकी तो युवकों ने उन्हें बस से नीचे गिराया और भाग लिए।
किसी तरह उन्हें पकड़ा भी तो राहगीरों ने उन्हें छुड़वा दिया। महिला हेल्पलाइन पर फोन किया, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। बाद में कंट्रोल रूम में सूचना दी तो पुलिस करीब आधे घंटे में पहुंची। मामला दर्ज होने के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री खट्टर करेंगे बहादुर बहनों को सम्मानित
रोडवेज बस में मनचलों को सबक सिखाने वाली बहादुर बहनों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर आगामी गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मानित करेंगे। पूजा और आरती को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महानिदेशक और परिवहन विभाग को सख्त निर्देश दिए गए हैं। हरियाणा रोडवेज की बसों में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों खासकर महिलाओं व लड़कियों के लिए विशेष सुरक्षा कदम उठाएं जाएंगे। साथ ही, ये सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि बस के परिचालक और चालक भी ऐसी घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाएं।
लड़के हैं, उठा ले जाएंगे, रेप कर देंगे
छेड़खानी पर मनचलों को सबक सिखाने वाली 'मर्दानी' बहनों की बस में आपबीती सुनेंगे तो आपको प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों पर गुस्सा आना लाजमी है। हिम्मत वाली बेटियों ने ‘अमर उजाला’ को पीड़ा तो बताई पर हौसले की कहानी भी सुनाई। कहा, हालात कैसे भी हों, हिम्मत हमेशा जीत का रास्ता बनाती है।
कहा, पूरी बस में किसी भी यात्री ने उनकी मदद तक करना उचित नहीं समझा। लड़के खुलेआम इशारे कर रहे थे और गाली दे रहे थे। विरोध किया तो लोगों ने हम दोनों बहनों को ही समझाना शुरू कर दिया कि लड़के हैं, उठा ले जाएंगे, रेप कर देंगे।
लड़कों ने मारपीट की तो भी कोई मदद के लिए उठा तक नहीं। बस में कई लड़के तो केवल हंसते ही रहे। लेकिन, उन्होंने मनचलों को सबक सिखाने का फैसला किया और उनसे भिड़ गईं।
हर लम्हा होती है छेड़छाड़
पूजा और आरती का कहना है कि बसों में चढ़ने से लेकर घर पहुंचने तक हर लम्हा छेड़छाड़ होती है। बस जब गांव के अड्डे पर पहुंचती है तो लड़के पहले ही दरवाजे को घेर लेते हैं। कई बार तो लड़कियां चढ़ ही नहीं पातीं। लड़कियों के दो-दो तीन-तीन लेक्चर तक मिस हो जाते हैं। बस में सीट नहीं मिलती है तो लड़के दोनों साइड से घेर कर खड़े हो जाते हैं और कमेंट करते हैं।
नहीं हुआ बर्दाश्त
पूजा व आरती ने बताया कि वे काफी देर से लड़कों की बदतमीजी बर्दाश्त कर रही थीं, लेकिन हाथ उठाया तो बर्दाश्त नहीं हुआ। ठान लिया कि इन्हें सबक सिखाएंगे। इसी वजह से उन पर बेल्ट से हमला कर दिया।
यात्रियों ने छुड़वा दिया
दोनों बहनों का कहना है कि जब लड़कों ने उन्हें नीचे फेंका तो उन्होंने दो लड़कों को काबू कर लिया था। पूजा ने तो एक ईंट उठाई और उनके सिर पर फेंक मारी। राहगीरों ने लड़कों को पकड़ भी लिया था, लेकिन उन्हें छुड़वा दिया और वे वहां से लड़के खेतों में भाग गए।
रोल मॉडल बन उभरी हैं ये बहनें
लड़कियों को समझना चाहिए कि वे कमजोर नहीं हैं। समाज के ठेकेदारों की सोच ने उन्हें ऐसा बना दिया है। लड़कियां डट कर सामना करेंगी, तभी मनचलों छेड़खानी की घटनाओं पर रोक लगेगी। सोनीपत की ये बहनें हम लड़कियों के लिए रोल मॉडल बनकर उभरी हैं।
- किरण, वुमेन एक्शन टीम, रोहतक।
बेटियों को करेंगे सम्मानित
बस में बैठे यात्रियों ने कोई पहल नहीं की। जाहिर है कि लोगों की सोच मर चुकी है। दोनों लड़कियों ने मनचलों की घुनाई कर बहुत अच्छा काम किया है और वे शाबाशी के काबिल हैं। पंचायत को भी सच का साथ देना चाहिए। वे तो रोजाना लड़कियों को प्रेरित करने की दिशा में ही काम करती रहती हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे बेटा-बेटी को समान संस्कार व समान शिक्षा दें। बहुत जल्द इन बहादुर बेटियों को सम्मानित किया जाएगा।
-पूनम आर्या, राष्ट्रीय अध्यक्ष, बेटी बचाओ अभियान।
डीसी को आज सौंपेंगे ज्ञापन
जब लड़कियों को बस से नीचे फेंका गया तो किसी भी यात्री ने विरोध नहीं किया। ये उन लड़कियों के साथ एक अमानवीय व्यवहार है और समिति इसकी कड़ी निंदा करती है। वे सोमवार को डीसी को ज्ञापन देंगी। पंचायत भी न्याय दिलाने की बजाय समझौते का दबाव बना रही है। लड़का एक उच्च परिवार से संबंध रखता है और लड़कियां निम्न। यह बहुत गलत है, पंचायत को तो दोनों बेटियों को शाबाशी देकर उनका साथ देना चाहिए था।
-अंजू, जिला सचिव, जनवादी महिला समिति।
लड़कों को नैतिकता सिखाएं अभिभावक
यह वारदात नारी को कमजोर समझने वाले समाज के ठेकेदारों पर एक तमाचा है। वह बार-बार यह क्यों भूल जाता है कि नारी एक दुर्गा भी है, जो समय आने पर उनका संहार भी कर सकती है। अभिभावकों को चाहिए कि वे खासतौर से लड़कों को नैतिकता सिखाएं। उन्हें समझाएं कि जैसे उनके घर में बहनें है, वैसी बाहर भी हैं।
- राकेश, जिला प्रधान, जनवादी महिला समिति।