सिविल अस्पताल मनीमाजरा में बुधवार दोपहर को एक 70 साल की वृद्धा को बेहोश करके उसके कान से बालियां, हाथ से अंगूठी और नगदी लूट ली गई। महिला को देर रात तक होश नहीं आया था।
मनीमाजरा के नगला मोहल्ला निवासी नीटा ने बताया कि उसकी मां राजकुमारी के साथ यह वारदात अस्पताल में हुई। वह यहां इंजेक्शन लगवाने आई थी। नीटा ने बताया कि उसकी मां राजकुमारी को पिछले महीने 28 तारीख को कुत्ते ने काट लिया था।
बुधवार दोपहर साढ़े 12 बजे वह सिविल अस्पताल मनीमाजरा में आखिरी टीका लगवाने आई थी। इसी दौरान किसी ने उसको बेहोश करके गहने और पैसे लूट लिए। नीटा ने बताया कि उसको ढाई बजे अस्पताल से फोन आया कि उसकी माता अस्पताल के बेसमेंट में बेहोश पड़ी थी।
जब वह अस्पताल पहुंचा तो राजकुमारी का इमरजेंसी में इलाज चल रहा था। उसके पहुंचने पर उसकी मां को पीजीआई रेफर कर दिया गया। वृद्धा का देर शाम तक पीजीआई में इलाज चल रहा था।
अस्पताल में न सीसीटीवी कैमरे न पुलिस स्टाफ की तैनाती
नीटा ने आरोप लगाया कि मनीमाजरा अस्पताल में न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही पुलिस का कोई स्टाफ अस्पताल में तैनात है। यही नहीं, अस्पताल में इमरजेंसी के अलावा किसी भी दूसरी जगह कोई सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं है।
पहले भी अस्पताल में हो चुकी है घटना
सिविल अस्पताल मनीमाजरा बेहोश कर लूटने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले एक महिला को लूटने और एक बच्चे को अगवा करने की वारदात हो चुकी है। 28 मई 2015 को बेसमेंट में रेलवे कालोनी निवासी विजय वर्मा (52) नामक महिला को बेहोश कर दो महिलाओं ने लूटा था।विजय वर्मा की इलाज के दौरान पीजीआई में मौत हो गई थी।
दूसरी घटना में पिछले महीने एक महिला छह दिन के बच्चे को उठा ले गई थी। लेकिन इन वारदातों के बावजूद अस्पताल प्रशासन चेता नहीं है। अस्पताल परिसर में न सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और न ही पुलिस पोस्ट खोली गई।
डाक्टर अरुण कुमार बंसल, एसएमओ इंचार्ज, मनीमाजरा अस्पताल ने बताया कि अस्पताल में जल्द ही सीसीटीवी कैमरे और गार्ड की व्यवस्था की जा रही है।