पीजीआई के ट्रामा सेंटर में दाखिल मरीज का सामान चोरी हो गया। प्राइवेट सुरक्षा कर्मियों ने सामान की तलाश की, लेकिन यह नहीं मिला। बाद में रेजिडेंट डाक्टर, नर्स और अन्य लोगों के लॉकरों की जांच की गई तो एक कर्मचारी के लॉकर से ओटी में इस्तेमाल होने वाला सामान निकल आया।
सारा सामान मरीजों का था और आपरेशन थियेटर में प्रयोग किए जाने वाला था। सुरक्षा कर्मियों ने सामान की जांच करवाई तो पता चला कि इसकी कीमत करीब 13-15 हजार रुपये थी। फिलहाल सुरक्षाकर्मियों की सिफारिश पर कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना के बाद सुरक्षा और चौकस कर दी गई है।
पीजीआई के चीफ सिक्योरिटी आफिसर पीसी शर्मा ने बताया कि कर्मचारी की रिपोर्ट बनाकर प्रिंसिपल इंप्लायर के पास भेज दी गई है। अब कार्रवाई उन्हीं की ओर से होगी।
सुरक्षाकर्मियों ने संभावना जताई है कि ओटी में सामान इस्तेमाल होने के बाद जो भी सामान बचता था, वह उसे उठा लेता था या फिर मौका पाकर मरीज से चुरा लेता हो। बाद में उस सामान को वह बेच देता हो।
गंभीर हाल मरीज का भी सामान चुराया
ट्रामा सेंटर में गंभीर हालत में भर्ती कराए गए एक पेशेंट के ऑपरेशन का सामान चोरी हो गया। परिजनों ने इसकी शिकायत सुरक्षा कर्मियों से की। सुरक्षा कर्मियों ने पहले ट्रामा सेंटर खंगाला। जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने लॉकर की तलाशी शुरू की। पहले रेजिडेंट डाक्टरों व नर्सों के लॉकर खुलवाए। फिर कर्मचारियों के।
इनमें एक सफाई कर्मचारी के लॉकर की जब बारी आई तो उसने कहा कि चाबी घर पर है। दूसरे दिन जब वह चाबी लेकर आया तो उसके लॉकर की तलाशी ली गई। लॉकर से ट्रामा सेंटर से चोरी सामान तो मिला नहीं, लेकिन वहां से मरीजों के आपेरशन में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान जरूर मिल गया।
जब सफाई कर्मचारी से पूछा गया तो उसने बताया कि यह सामान उसके परिजनों का है। जब सुरक्षा कर्मियों ने परिजनों का नाम-पता और रिपोर्ट की जानकारी मांगी तो वह संतुष्ट जवाब नहीं दे पाया।
बाद में अधिकारियों को बुलाकर उनके सामने सामान को जब्त किया गया और कर्मचारी को छुट्टी पर भेज दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि सर्जिकल आइटम लॉकर में रखने के बाद वह उसे मरीज को ही बेच देता था।
पहले भी मिला था लाखों का सामान
पीजीआई सूत्रों ने बताया कि आज से करीब छह से सात साल पहले डाक्टरों व नर्सों के लॉकरों से लाखों रुपये का सर्जिकल आइटम बरामद हुआ था। उस दौरान पीजीआई की विजिलेंस ने रेड भी डाली थी, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
बताया गया कि ऑपरेशन के बाद काफी सामान बच जाता है। कर्मचारी उसे पेशेंट के रिलेटिव को वापस करने के बजाए अपने पास रख लेते हैं। इन सामानों को रखने के लिए लॉकर सबसे सुरक्षित स्थान होता है।
एमआरआई फिल्में तक हो चुकी हैं चोरी
पिछले साल पीजीआई से एमआरआई की फिल्मे चोरी हो गई थीं। इससे मरीजों को काफी परेशानी आई थी। बाद में पता चला कि पीजीआई के कर्मचारियों ने यह चोरी की थी। वे उसे कबाड़ी में बेचने की प्लानिंग कर रहे थे।