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डायमंड शोरूम में लूट: मालिकों पर ही गहराया पुलिस का शक

Sat, 07 May 2016 10:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट - फोटो : amar ujala
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सेक्टर 17 डायमंड शोरूम से 14 करोड़ के हीरों की लूट के मामले में पुलिस को का शक शोरूम मालिकों पर गहराता जा रहा है। पुलिस अब सिर्फ वारदात की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है। पुलिस अब यह मान कर चल रही है कि शोरूम में लूट की वारदात को अंजाम देने वाले अंदर के ही लोग हैं, बाहर से कोई नहीं आया।
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पुलिस का कहना है कि आज तक हीरों की इस तरह से इतनी बड़ी लूट नहीं हुई है। हीरों को लूटने के बाद उनको बेचना सबसे मुश्किल होता है। उसकी रीसेल वैल्यू भी  कम होती है। जबकि सोना लूटने के बाद मौजूदा रेट पर बिक जाता है। पुलिस ने अब शोरूम मालिक दोनों भाईयों के अतीत के पन्ने भी खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने अब शोरूम मालिक रजनीश वर्मा का बैकग्राउंड खंगालना शुरू किया है कि कहीं उसका संबंध पिछले साल दिल्ली में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भगोड़े मनोज वशिष्ठ से तो नहीं था।

पुलिस का मानना है कि लूट का सारा ड्रामा इंश्योरंस के 10 करोड़ रुपये लेने के लिए रचा गया है। पुलिस मान रही है कि लूटे हुए हीरों की कीमत भी दस करोड़ से काफी कम है। पुलिस को जांच में कई बिल फर्जी भी मिले हैं। पुलिस कह रही है कि जब स्टॉक बुक की  जांच पूरी हो जाएगी तभी पता चल पाएगा कि लूटे गए डायमंड कितनी कीमत के थे।
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बैग में 14 करोड़ के हीरे नहीं आ सकते
पुलिस को इस लूट को लेकर सबसे बड़ा शक उस बैग को लेकर है, जिस बैग में हीरे डालकर लुटेरे फरार हुए। पुलिस का मानना है कि उस बैग में 14 करोड़ के हीरे रखना नामुमकिन है।  पुलिस कह रही है कि शहर के जितने भी ज्वेलर्स से बात हुई है सभी का कहना है कि जो बैग सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है उसमें 14 करोड़ के गहने नहीं रखे जा सकते। 
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दो महीने में खाली करना था शोरूम

चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट - फोटो : amar ujala
बताया जा रहा है सेक्टर 17 के जिस शोरूम से डायमंड लूटा गया है उसे दो महीने में खाली किया जाना था। उस बिल़्डिंग के केयरटेकर राजबीर ने बताया कि बीते 19 अप्रैल को जिला अदालत से फैसला उनके  हक में आया है और दो महीने बाद फॉरएवर डायमंड वालों को शोरूम खाली करना है। पुलिस को शक है कि शायद इसके चलते जल्दी में ये लूट का सारा ड्रामा रचा गया हो। क्योंकि उनका बिजनेस वहां अच्छा नहीं चल रहा था। इससे पहले भी मालिकों का मनीमाजरा वाला शोरूम बंद हो चुका था।

सुबह फिर आ कर अस्पताल में भर्ती हुआ: रात को रजनीश पंचकूला के सेक्टर 6 अस्पताल से घर चला गया था। अस्पताल में डाक्टरों को लिखकर दे गया था कि वह अपने रिस्क पर घर जाना चाहता है। लेकिन शुक्रवार को सुबह होते ही वापस अस्पताल में आकर भर्ती हो गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि रजनीश ने कोई जहरीला पदार्थ निगला था। रजनीश ने ही डाक्टरों को बताया था कि उसने गलती से कोई जहरीली चीज खा ली है।

पुलिस को घर की महिलाओं पर भी शक: पुलिस का कहना है कि उनको इस साजिश में परिवार की महिलाओं के भी शामिल होने का शक है। क्योंकि वारदात के पांच दिन पहले तक उनके बीच एक बार भी फोन पर बात नहीं हुई। जबकि उससे पहले दिन में दोनों के बीच दस बारह बार बात हो जाती थी। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है।

रिश्तेदार से भी वारदात करवाने का एंगल: सीसीटीवी कैमरे में अपराधी वारदात से पहले और बाद में जिस तरह से आते जाते दिख रहे है ऐसा लगता है कि उनको वारदात के बाद गिरफ्तार होने का डर ही नहीं है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं कोई रिश्तेदार या दोस्त तो इसमें शामिल नहीं है। पुलिस भी अब मान कर चल रही है कि केस सुलझ गया है बस एक-दो सवालों के जवाब पुलिस तलाश रही है जैसे ही  उनके जवाब पुलिस केहाथ लगेंगे सच सबके सामने आ जाऐगा।
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