चंडीगढ़ में बुजुर्ग महिलाओं को लिफ्ट देकर लूटने के मामलों में कमी नहीं आ रही है। शहर में महिलाओं और पुरुष का ऐसा गैंग सक्रिय है जो उम्र दराज महिलाओं को कार में लिफ्ट देकर घर छोड़ने के बहाने बिठा लेता है और सोने-चांदी के गहने लूटकर फरार हो जाता है। पुलिस अभी तक इस गैंग का खुलासा करने में नाकाम रही है।
इस वर्ष अभी तक दस बुजुर्ग महिलाओं को कार में बैठाकर लूटपाट करने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हर घटना में पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उनके पास कार में सवार दो महिलाएं व एक पुरुष ड्राइवर आए और लिफ्ट देकर उन्हें गाड़ी में बैठाकर घर छोड़ने की बात करते हैं और गहने लूटकर सड़क किनारे छोड़ फरार हो जाते हैं। पुलिस के मुताबिक सेक्टर 27 और 30 से ऐसे अधिक मामले सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग में तीन लोग ही होते है जिनमें दो महिलाएं व एक पुरुष होता है।
केस 1
10 जनवरी को सेक्टर-27 में कार सवार गैंग ने मार्केट जा रही 82 साल की बुजुर्ग महिला विद्या शर्मा को कार में बैठाया और कुछ दूर ले जाकर उसके सोने बालियां उतार लीं। इसके बाद उसे सड़क किनारे छोड़ दिया।
केस-2
13 फरवरी को सेक्टर-34 में गुरुद्वारे के बाहर अपने पति का इंतजार कर रही 83 साल की बरिंदर कौर को गैंग गाड़ी में बैठाकर ले गया और चार सोने के कंगन लूट लिए।
केस 3-
21 फरवरी को सेक्टर-30 के सत्संग भवन से सत्संग सुनकर रिक्शे का इंतजार कर रही 70 साल की महिला को कार सवार महिलाओं ने गाड़ी में बैठाया औरदो सोने की चूड़ियां छीन लीं।
केस-4
15 मार्च को सेक्टर-30 में सब्जी खरीदने निकली 75 साल की की त्रिप्ता रामा को कार में बिठाया और उसके हाथ से सोने की चूड़ियां निकालीं।
केस-5
30 अप्रैल को सेक्टर 47 में स्कूल में पेरेंट टीचर मीटिंग के लिए गई 65 साल की लक्ष्मी रानी को कार में दो महिलाओं ने बैठाया और सोने की कंगन लूट लिए।
केस-6
30 अप्रैल को 72 साल की विद्यावती सेक्टर 20 मठ मंदिर से सेक्टर 19 अपने घर लौट रही थी। तभी कार सवार महिलाओं ने उन्हें कार में बैठाया और कुछ दूर ले जाकर उतार दिया। घर जाकर देखा तो हाथ से सोने की चूड़ियां गायब थीं।
केस- 7
8 मई सेक्टर-30 की कृष्णा देवी (72) सेक्टर 30 के चीमा भवन के पास से जा रही थी। तभी एक कार आई और मार्केट तक छोड़ने को कहा। घर आने पर पाया कि उनके कानों से बालियां चोरी हो चुकी थीं।
केस 8
सेक्टर 27 की 75 साल की महिला को उनके घर के पास ही एक सफेद कार ने लिफ्ट दी और जब वह उतरीं तो कानों में सोने की बालियां नहीं थीं।
सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी, यूटी पुलिस ने बताया कि ऐसी वारदात रोकने के लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अपने एरिया में गश्त बढ़ाएं। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर सादी वर्दी में पुलिस कर्मी तैनात करने को कहा है। इस तरह के गैंग के सदस्यों का पर्दाफाश करने का प्रयास करेंगे।