एमडीसी के स्वास्तिक विहार स्थित रजत ज्वेलर्स में डाका डालने के बाद डकैत सेक्टर-20 से फ्लाईओवर होते हुए जीरकपुर की ओर भागे थे।
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कुछ डकैत ज्वेलर्स की कार लेकर भागे और कार में रखा मोबाइल सेक्टर-20 और जीरकपुर के बार्डर पर फेंक दिया, जिसे रेस्तरां में काम करने वाले एक युवक ने उठाया।
उस समय मोबाइल की बैट्री डिस्चार्ज हो चुकी थी। युवक ने सिम बदलकर बैट्री को चार्ज किया और पुलिस लोकेशन ट्रेस करते हुए उसे राउंडअप कर लिया, लेकिन पूछताछ में कुछ खास सुराग नहीं लगा।
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मोबाइल उठाने वाले युवक को किया ट्रेस
पुलिस के अनुसार, मूल रूप से नेपाल का रहने वाला हरीश रेस्तरां में काम करता है। वह रेस्तरां के बाहर ही खड़ा था, तभी उसने डकैतों को कार से मोबाइल फेंकते देखा।
हरीश कुछ देर तक इंतजार करता रहा, लेकिन जब कोई नहीं आया तो उसने मोबाइल उठा लिया। इसके करीब 20 मिनट तक यह ऑन नहीं हुआ। उसने इसे चार्ज किया और पहले का सिम निकालकर अपना सिम लगा लिया।
इसके बहुत देर बाद तक मोबाइल बंद रहा और चार्ज होता रहा। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में ही बता दिया था कि 4.28 बजे महज चंद सेकेंड के लिए ही मोबाइल ऑन हुआ था।
फ्लाईओवर से ही 10 मिनट में पहुंच सकते हैं सेक्टर-20
डकैत जब फरार हुए थे तो मोबाइल बंद था। लुटेरे करीब 3.50 बजे एमडीसी से निकले थे और करीब 4.28 बजे मोबाइल ऑन हुआ। रेस्तरां के कारिंदे हरीश को फेंके गए मोबाइल उठाने और चार्ज करके ऑन करने में करीब 25 मिनट लगे।
यानी डकैतों ने करीब चार बजे मोबाइल फेंका था। इससे यह स्पष्ट है कि एमडीसी से सेक्टर-20 तक 10 मिनट में फ्लाईओवर से ही पहुंचा जा सकता है, वह भी तेज रफ्तार में।
यानी डकैत एमडीसी से ओल्ड पंचकूला आए और यहां से फ्लाईओवर पकड़कर सेक्टर-20 में मोबाइल फेंकते हुए जीकरपुर पहुंचे। यहीं मेट्रो मॉल के पास ज्वेलर्स की स्विफ्ट छोड़कर फरार हो गए।
अभी तक यही माना जा रहा है कि वारदात में सात युवक शामिल हैं। महिला के संलिप्त होने पर संशय है। अब सवाल यह उठता है कि क्रूज में एक साथ सात युवक वारदात करने कैसे पहुंचे, क्योंकि यह फाइव सीटर कार है।
वारदात के बाद कुछ डकैतों ने स्विफ्ट जीरकपुर में छोड़ दी, फिर एक ही गाड़ी में वापस भी गए। संभव यह भी है कि डकैत अलग-अलग रास्तों से अलग-अलग ग्रुप में भागे हों। फिलहाल, पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है।
डकैतों को थी असली गहने की पहचान! पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि डकैत दो आर्टिफीशियल ज्वेलरी को हाथ तक नहीं लगाया। हालांकि, ये दोनों आभूषण जमीन पर गिरे थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि डकैत या तो ज्वेलरी के जानकार थे या फिर जल्दबाजी में ये आभूषण नहीं ले जा सके।