एक्सिस बैंक की एक करोड़ 34 लाख रुपये से भरी कैश वैन लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मोहाली पुलिस ने सभी 6 लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लुटेरों के पास से लूटे गए सभी कैश बरामद कर लिए गए हैं।
मोहाल के सेक्टर-80 स्थित मोहाली-सुखगढ़ रोड पर शराब ठेके के पास सोमवार को सुबह फॉर्च्यूनर सवार छह नकाबपोश लुटेरों ने फिल्मी स्टाइल में एक्सिस बैंक की एक करोड़ 34 लाख रुपये से भरी कैश वैन छीनकर ले गए थे।
ऐसे हुई लूट
चंडीगढ़ के सेक्टर-34 स्थित एक्सिस बैंक की शाखा से सोमवार को सुबह 8 बजे कैश लेकर कैश वैन राजपुरा के लिए निकली थी। वैन में दो सुरक्षाकर्मी, एक ड्राइवर, एक हेल्पर और एक सुपरवाइजर थे। एक सफेद रंग की फार्च्यूनर गाड़ी वैन के पीछे लग गई। मोहाली से वैन सुखगढ़ रोड पर मुड़ गई। सेक्टर-80 में सुनसान जगह पर फार्च्यूनर ने वैन को ड्राइवर साइड पर टक्कर मारी। इससे वैन का बैंलेंस बिगड़ गया।
इतने में कार में सवार नकाबपोशों ने वैन पर कुल्हाड़ियों और रॉडों से हमला कर दिया। उन्होंने वैन में सवार चारों लोगों की आंखों में लाल मिर्च पाउडर डालने का प्रयास किया। लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। उन्होंने तुरंत ड्राइवर के सिर पर गन लगाकर उससे कैश वैन की चाबी छीन ली। साथ ही एक-एक कर चारों लोगों से हाथ ऊपर करवाकर नीचे उतारा।
बदमाश कैश वैन को लेकर लांडरां-खरड़ की तरफ गए। खरड़-बनूड़ रोड पर पहुंचते ही वेबनूड़ की तरफ बढ़े और फिर दुराली-मनौली लिंक सड़क पर मुड़ गए। दुराली गांव के खेतों में उन्होंने कैश वैन, नोटों के दो खाली ट्रंक और एक पिस्टल छोड़ दी।
इसके बाद वे फार्च्यूनर मनौली की तरफ बढ़े और कुछ आगे चलकर और खाली ट्रंक फैंक दिए। इसके बाद वह सीधे मनौली पुल पर पहुंचे। वहां उन्होेंने अपने मॉस्क, दस्ताने, एक पिस्तौल और लाल मिर्च का पाउडर फेंका। इस बीच जिला पुलिस को कोई भनक नहीं लगी।
गिरफ्तारी के बाद सुलझेगी यह गुत्थी
-राजपुरा जाने के लिए बैंक कर्मियों ने जीरकपुर की बजाय इस निर्माणधीन सुनसान रोड को क्यों चुना?
-कैश वैन में गार्डों के पास भी हथियार थे मगर उन्होंने इनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया।
- वैन के कैमरे से कार्ड कब और किसने निकाला।
- गाड़ी का जीपीएस सिस्टम क्यों और कब से खराब है।
-गाड़ी अंदर से लॉक होती है। हमला होने पर गाड़ी को क्यों नहीं दौड़ाया।
-लूट की जगह मिला बैग आखिर किसका है।
-लुटेरे भेदी तो नहीं, जिस रास्ते का उन्होंने इस्तेमाल किया, वह अभी तक आधिकारिक तौर पर खुला भी नहीं है।
-लूट गिरोह में कहीं बद्दी में कैश वैन लूटने वाला गिरोह तो नहीं, हालांकि उसके ज्यादातर सदस्य जेल में बंद हैं।