चंडीगढ़ के ज्वेलरी शोरूम में लूट
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सेक्टर-17 डायमंड शोरूम में 14 करोड़ के हीरों की लूट के ड्रामे के मुख्य किरदार रजनीश वर्मा की तलाश में पुलिस के पसीने छूट गए हैं। वहीं, पुलिस कार्रवाई पर सबसे बड़ा सवाल है कि शोरूम मालिकों पर पहले ही दिन से शक होने के बावजूद उसने रजनीश पर ढिलाई क्यों बरती?
पुलिस का कहना है कि उसने मुख्य आरोपी रजनीश की गिरफ्तारी और बरामदगी को लेकर नासिक में छापामारी की है। लेकिन, वहां न मुख्य आरोपी मिला और न ही पुलिस कुछ बरामद कर पाई। शोरूम मालिकों पर केस दर्ज करके पुलिस ने बताया था कि रजनीश और विनोद पर पहले दिन से ही शक था।
इसके अलावा पुलिस के पास मैनेजर अजय और सेल्स गर्ल चारू केरूप में गवाह भी मिल चुका था। वहीं, सूत्रों की माने तो पंचकूला सेक्टर-6 हास्पिटल में रजनीश के भर्ती होने के बाद ही पुलिस अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग के दौरान ही शोरूम मालिकों पर केस दर्ज करने का आदेश मिला था। जबकि, इस केस में पुलिस ने चंडीगढ़ के बाहर छापामारी मारने, माल बरामद करने और आरोपियों की गिरफ्तारी बताकर विनोद का रिमांड लिया था। जबकि, पुलिस ने सीसीटीवी में आने वाले तीनों आरोपियों को चंडीगढ़ से ही गिरफ्तार किया है।
शोरूम मालिक मुख्य आरोपी
तीनों आरोपियों ने पुलिस रिमांड में सफाई दी थी कि वे केस के बारे में बताने वाले थे। इसके साथ उन्होंने आरोप लगाया है कि रजनीश ने उनको एक फिल्म मे काम दिलवाने के नाम पर शोरूम में बुलाया था। जब तीनों शोरूम में पहुंच गए तो दोनों भाइयों ने बताया कि वे अपने शोरूम में लूट का ड्रामा कर रहे हैं। इस पर तीनों ने उनका साथ देने से इंकार कर दिया और कुछ समय के बाद अपना बैग ले कर शोरूम से बाहर निकल गए।
कोट
रिमांड में पूछताछ के बाद ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में आरोपी विनोद से पूछताछ सहित मोबाइल लोकेशन और संबंधित लोगों की निशानदेही पर तलाश कर रही है। जल्द ही आरोपी काबू कर लिया जाएगा।
उदयपाल, थाना प्रभारी