खरड़-लांडरां हाईवे पर बीती रात अज्ञात लुटेरों के गिरोह ने कार सवार दो लोगों पर हमलाकर उनकी कार लूट ली। कार सवारों ने जब लूट का प्रतिरोध किया तो, लुटेरों ने उन पर फायर कर दिया।
गोली लगने से कार चालक घायल हो गया। हाथापाई में उसका साथी भी घायल हुआ है। घायलों को मोहाली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक खरड़ तहसीलदार का रजिस्ट्री क्लर्क बताया जाता है।
लूट की सूचना मिलने पर पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग। समीपवर्ती जिलों को भी लुटेरों को पकड़ने के लिए नाका बंदी करने को कहा। समाचार लिखे जाने तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली थी। हाईवे पर कार लूट की जिले में यह पहली घटना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रजिस्ट्री कलर्क गांव सलामतपुर निवासी दविंदर सिंह साथी बावा सिंह के साथ इनोवा कार नंबर पीबी65एन0007 से लांडरां रोड से जा रहा था।
रास्ते में वह रात करीब आठ बजे लांडरां रोड स्थित सूद कन्फैक्शनर नामक दुकान पर पानी की बोतल लाने के लिए रुके। दुकानदार के अनुसार जैसे ही दविंदर सिंह पानी की बोतल लेकर अपनी कार के पास पहुंचा, दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे दबोच लिया। दविंदर सिंह ने उनका मुकाबला किया। वहीं कार में बैठा बावा सिंह भी बाहर निकल आया।
दोनों ने मिलकर हमलावरों से मुकाबला किया। वह लोग कार से कुछ दूरी पर उनकी दुकान के बिल्कुल सामने पहुंच गए। जब दोनों हमलावर इनसे भिड़ रहे थे, तभी हमलावरों का तीसरा साथी मौके पर भागा-भागा आया।
उसने दविंदर सिंह को जोर से गाली देते हुए उस पर फायर कर दिया। गोली उसकी टांग में लगी। गोली लगने के बावजूद दोनों मुकाबला करते रहे। लेकिन हमलावर मौके से भागने में कामयाब रहे। भागते समय लुटेरे उनकी इनोवा कार ले गए।
बताते हैं एक अन्य कार भी उनके पीछे भागी, जिसमें शायद हमलावरों के साथी थे। तीनों हमलावरों में से एक ने लाल रंग की जैकेट पहन रखी थी। गोली मारने वाला हमलावर अच्छी कद काठी का था।
दोनों घायलों को मोहाली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर डीएसपी खरड़ राज बलविंदर सिंह मराड़, सिटी थाना प्रभारी विजय कुमार, सदर थाना प्रभारी मंजीत सिंह बड़ी संख्या में पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। रात 10 बजे एसएसपी भी मौके पर पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने आसपास के लोगों से पूछताछ की। मौके से पुलिस ने कारतूस का खोल भी बरामद किया है। घटना के तुरंत बाद क्षेत्र में दहशत को माहौल कायम हो गया एवं सभी दुकानदार दुकानें बंद कर चले गए।