रेवाड़ी सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी सेना के जवान पंकज और मनीष ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए। आरोपी हनुमानगढ़ जिला के गोगामेड़ी इलाके में कई दिनों तक भिखारी बनकर रहे जिससे उनको कोई पहचान नहीं सके। इस दौरान आरोपी भिखारी के रूप में धर्मशालाओं के आसपास रहते थे, जिससे उनको खाना मिल जाता था।
वारदात के बाद गांव से फरार होने के बाद आरोपियों सबसे अधिक समय राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में ही बिताया और मामला जब समाचार-पत्रों के साथ टीवी चैनलों पर प्रसारित हुआ तो घबरा गए दोनों आरोपी भिखारी बन गए और कई दिनों तक इसी वेष में हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी इलाके में घूमते रहे। गोगामेड़ी इस समय गोगाजी का मेला आयोजित होता, जो कि लगभग 15 दिनों तक चलता है।
पुलिस गिरफ्त में गैंगरेप के आरोपी
इस मेले के जरिए आरोपियों ने अपने आप को बचाने का प्रयास किया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया जब उनके फोटो समाचार-पत्रों और टीवी में आने लगे थे तब उनको लगा था कि अब कहीं पर भी उनको पहचाना जा सकता है। इसके बाद दोनों ने भिखारी बनकर इस क्षेत्र में घूमते रहे। इसके बाद आरोपी खानाबदोश परिवार के सदस्य बनकर भी सतनाली से सटी राजस्थान सीमा तक आए जिससे मामले में उनको जानकारी मिल जाए कि पुलिस की दबिश कम हुई है या नहीं।
खानाबदोश बनने के बाद वे राजस्थान के झुंझुनू जिला की एक ढाणी में पहुंचे और उन्होंने दो-तीन दिन तक खेतों में ही बिताए। इसके अलावा एक रात आरोपियों ने सतनाली क्षेत्र से लगे राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में भी बिताई। राजस्थान के एक गांव की ढाणी में जाने के दौरान एक किसान ने जब इनको खेतों में देखा तो उसने पूछताछ भी की जिसके बाद आरोपी वहां से निकल गए।
पैसे समाप्त होने पर बढ़ गई थी मुश्किल
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एसआईटी चीफ
किसान का यही संदेह पुलिस के लिए बड़ा मददगार बना और उसके बाद पुलिस टीम ने राजस्थान और महेंद्रगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र में अपनी टीम को सक्रिय कर दिया। इसी दौरान आरोपियों के सतनाली के पास मौजूद ढाबा पर रात को रुकने की जानकारी मिली जिसके बाद उनको दबोच लिया गया।
आरोपी शुरुआत में तो राजस्थान के बीकानेर और जयपुर तक चले गए थे लेकिन जब उनके पास पैसे समाप्त हो गए तभी इन्होंने महेंद्रगढ़ क्षेत्र की तरफ रूख किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों का प्रयास था कि महेंद्रगढ़ जिले में मौजूद अपने रिश्तेदारों के यहां पहुंचकर उनसे पैसे ले लिया जाए जिससे एक बार फिर से गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी दूसरे इलाके में चला जाए। इसी वजह से पिछले दो दिनों से आरोपी महेंद्रगढ़ क्षेत्र के आसपास ही थे।