पंजाब की लुधियाना के सिविल अस्पताल की मोर्चरी के अंदर पड़े मुर्दे को देर रात चूहों ने दोबारा दर्दनाक 'मौत' दे डाली। घटना पंजाब के लुधियाना की है। काकोवाल रोड के रहने वाले गगनदीप सिंह ने रविवार शाम को आत्महत्या कर ली थी।
इस बाद उसके परिजनों ने शव को सिविल अस्पताल की मार्चरी में रखवा दिया। जब वे सोमवार को पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे तो उन्होंने शव को फ्रिजर से निकाला। इस दौरान शव के चेहरे का कुछ हिस्सा चूहे खा चुके थे। उन्होंने वहां पर हंगामा कर दिया। इसके बाद सिविल अस्पताल में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलने के बाद थाना डिवीजन दो की पुलिस भी मौके पर पहुंची। मृतक के परिजनों ने मुलाजिमों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। थाना डिवीजन दो के इंस्पेक्टर सुरिंदर मोहन ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया।
इस मामले में एसएमओ डॉ. परमिंदर पाल सिंह सिद्धू ने डॉ. सुरेश कौशल, डॉ. भिंदर और डॉ. गुरविंदर कौर पर आधारित एक बोर्ड का गठन किया है। यह इस मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगा। गगनदीप सिंह के पिता जसविंदर सिंह ने कहा कि वह होजरी कारोबारी है।
उनके बेटे गगनदीप सिंह ने चार साल पहले लव मैरिज की थी। वह उनसे अलग काकोवाल रोड पर रह रहा था। रविवार शाम को उसने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जब उन्हें सूचना मिली तो वह वहां पर पहुंच गए।
जांच के लिए बैठा दी है तीन डॉक्टरों की कमेटी
थाना जोधेवाल की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मार्चरी में रखवा दिया। जसविंदर सिंह के अनुसार सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे वह सिविल अस्पताल शव गृह में पहुंचे तो उन्होंने फ्रिजर खोलकर शव बाहर निकाला।
शव के मुंह का कुछ हिस्सा चूहों ने कुतर खाया था। उन्होंने इस बारे में अस्पताल के मुलाजिमों से बात की तो किसी ने कुछ जवाब नहीं दिया। यही देखकर गगनदीप के परिजनों ने वहां पर हंगामा कर दिया। जब इस बात का पता अधिकारियों को चला तो वे भी हैरान रह गए।
अधिकारियों ने परिजनों का विरोध देखकर गगनदीप के परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मान रहे थे। बाद में उन्होंने लापरवाही करने वाले मुलाजिम के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. परमिंदर पाल सिंह सिद्धू ने कहा कि रविवार रात को शव अस्पताल में आया था। जिस व्यक्ति ने शव फ्रिजर में रखवाया था हो सकता है उससे फ्रिजर अच्छे से बंद नहीं हुआ हो। फ्रिजर सही से बंद न होने से चूहों ने अंदर घुस कर शव कुतर दिया।
उन्होंने कहा कि फिलहाल इस मामले में तीन डाक्टरों पर आधारित एक बोर्ड बना दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद जिस व्यक्ति की गलती पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।