7 वर्षीय मासूम बच्ची से ट्यूशन पढ़ाने के बहाने रेप करने वाले को मात्र सवा माह की सजा सुनाई गई है। आरोपी नाबालिग है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने एक नाबालिग अभियुक्त को दोषी करार देते ऑब्जर्वेशन होम में भेज दिया।
अभियुक्त को केवल एक महीना सात दिन की सजा सुनाते हुए सुधार गृह में भेजा गया है। पीड़िता की मां ने कहा कि वह कोर्ट का सम्मान करती है लेकिन उसकी बेटी के साथ जघन्य अपराध करने वाले को सजा बहुत ही कम मिली है।
टयूशन के बहाने अश्लील हरकतें
मामला अक्टूबर 2013 का है। अंबाला में सात साल की तीसरी कक्षा की मासूम बच्ची पास के ही एक घर में एक 17 साल के लड़के के पास ट्यूशन के लिए जाती थी। वहीं आरोपी युवक बच्ची से अश्लील हरकतें करने के साथ छेड़छाड़ करता था।
इसी दौरान ही कुछ दिन बाद पीड़ित बच्ची की मां पड़ोसन से दुराचार की घटनाओं के बारे में चर्चा कर रही थी, जिसे सुनकर लड़की ने कहा कि उसके साथ भी ऐसा ही हुआ है। इतना सुनने के बाद मां ने बच्ची से पूरी जानकारी ली और बच्ची ने सब कुछ बता दिया। उसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
आरोपी ने गुनाह कबूला
केस की कार्रवाई चल ही रही थी कि पीड़ित पक्ष के वकील ने चार्ज फ्रेमिंग के दौरान अभियुक्त से सवाल जवाब किया और उसने गुनाह कबूल कर लिया।
इसके तहत अभियुक्त और पीड़ित पक्ष के वकील की सभी दलीलों को सुनने के बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के न्यायधीश ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए एक महीना और सात दिन कैद की सजा सुनाते हुए अभियुक्त को बाल सुधार गृह में भेजा है।
मां बोली, बहुत कम है सजा
इस दौरान पीड़ित बच्ची की मां ने कहा कि वह कोर्ट का सम्मान करती है लेकिन उसकी बेटी के साथ जघन्य अपराध करने वाले को सजा बहुत ही कम मिली है। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट में दोबारा अपील करेगी ताकि अभियुक्त को कड़ी सजा मिले और आगे चलकर कोई भी व्यक्ति इस तरह से मासूम बच्चियों और महिलाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ न कर सके।