रेप के बाद आरोपियों की दरिंदगी की शिकार हुई बच्ची की हालत में मामूली सुधार हुआ है। पीजीआई के डॉक्टरों ने उसके मल का रास्ता पेट से निकाल दिया है। बच्ची का रेक्टल भी बुरी तरह से डैमेज हुआ है। ऑपरेशन के बाद उसमें टांके लगाए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि टांके खुलने में कम से कम 15 दिन लगेंगे। इसके बाद ही पता चलेगा कि रेक्टल कितना काम कर रहा है। यदि ठीक से काम नहीं किया तो बच्ची के मल का रास्ता पेट से ही रहेगा।
26 जनवरी को पंजाब के संगरूर के एक गांव में बच्ची से दरिंदगी का मामला सामने आया था। इसके बाद उसे पीजीआई में दाखिल कराया गया था, जहां छह घंटे के ऑपरेशन के बाद उसे बचाया जा सका है। बच्ची के प्राइवेट अंग में जबरदस्त चोटें आईं हैं। उसे ठीक होने में लंबा वक्त लग सकता है। फोरेंसिक विभाग ने भी माना है कि बच्ची के साथ पिछले कई दिनों से रेप हो रहा था।
पुलिस की कार्रवाई ढीली
परिजनों ने बताया कि उन्हें गैंगरेप का शक है, क्योंकि इसमें सिर्फ एक नहीं बल्कि उस परिवार के कई सदस्य मिले हो सकते हैं। गांव के सरपंच का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई काफी ढीली चल रही है। मामले को दर्ज किए चार दिन बीत गए हैं, लेकिन अब तक पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस ने सिर्फ महिला और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। जब भी पुलिस से कुछ पूछा जाता है तो कहते हैं कि जांच चल रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 और पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।