किशोरी का अपहरण कर उससे कई बार दुराचार के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने सेक्टर-25 निवासी राजेश को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 58 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी के खिलाफ आरोप साबित करने में डीएनए रिपोर्ट सबसे अहम सबूत बनी।
मामला दिसंबर 2014 का है। 8 दिसंबर को शहर से एक किशोरी का अपहरण हुआ था। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने 12 दिसंबर को पिता की शिकायत पर केस दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार राजेश किशोरी को सबसे पहले नंगल में रहने वाले दोस्त के घर पर ले गया।
वहां उसे धमकाते हुए दुष्कर्म किया। इसके बाद वह उसे हिमाचल में भी कई जगह ले गया। राजेश नाबालिग को सेक्टर-52 के एक होटल में भी लेकर गया था। यहां से पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। किशोरी उसके पास ही मिली थी।
पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म की नीयत से अपहरण और दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया था। पीड़िता के मेडिकल में उसके डीएनए सैंपल लिए गए थे, जो कि दोषी के सैंपल से मैच हो गए थे। केस के ट्रायल के दौरान यही रिपोर्ट केस में सबसे अहम सबूत साबित हुआ।