दिव्यांग नाबालिग और उसकी बहन के साथ दो महिलाएं कुछ ऐसा काम करा रही थीं कि राज खुला तो परिजनों के होश उड़ गए। मामला हरियाणा के हिसार का है।
पुराने शहर में रहने वाली दो बहनों के साथ पिछले काफी समय से कुछ लोग दुराचार कर रहे थे। इतना ही नहीं, गर्भवती होने पर उन्होंने दिव्यांग को गर्भपात की दवा भी खिला दी। मामले का खुलासा तब हुआ, जब दिव्यांग लड़की की तबीयत बिगड़ने लगी और ब्लीडिंग होने लगी।
यह देखकर मां-बाप के होश उड़ गए। उन्होंने बेटी से पूछा तो उसने इशारों में उसे सारी बात बता दी। बहन के साथ हुई दरिंदगी का खुलासा होने के बाद बड़ी बहन ने भी बताया कि उसके साथ भी दुराचार हो रहा है और पड़ोस में रहने वाली दो महिलाएं इसका कारण हैं।
बड़ी बेटी को झांसा देकर रेप कराया, वीडियो बनाई
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सारी बात पता चलने के बाद लड़कियों के परिजनों ने एसपी अश्विन शैणवी से शिकायत की। एसपी ने डीएसपी जितेंद्र सिंह को मामले की जांच सौंप दी और पीड़िताओं के बयान दर्ज कराए।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित लड़कियों के पिता ने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाली महिला शोभा और मीरा ने करीब एक साल पहले बड़ी बेटी को झांसा देकर उसके साथ दुराचार कराया।
इसकी उन्होंने वीडियो भी बना ली। लड़की ने घटना के बारे में परिवार को बताने की बात कही तो उन्होंने उसे वीडियो दिखाकर इसे वायरल करने की धमकी दी। बदनामी के डर से लड़की चुप रह गई। इसी का फायदा उठाकर वह उसकी इज्जत से खिलवाड़ करवाती रहीं।
महिलाओं ने लड़कियों का कई लोगों से कराया दुष्कर्म
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- फोटो : demo
लड़कियों के पिता ने अपनी शिकायत में कहा है कि बड़ी बेटी के बाद नाबालिग व मानसिक रूप से दिव्यांग बेटी को महिलाओं ने अपने भाई मिथलेश के साथ किसी बहाने से भेज दिया। आरोप है कि आरोपी उसे सूर्य नगर के एक घर में लेकर गए। वहां आरोपी ने अपने एक और साथी के साथ मिलकर नाबालिग से दुष्कर्म किया। यह क्रम आगे भी जारी रहा।
पीड़िता गर्भवती हो गई तो आरोपियों ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी। लड़कियों के पिता ने बताया कि इन घटनाओं से दिव्यांग बेटी को सदम लगा गया और उसने बोलना भी बंद कर दिया। करीब एक माह पहले जब वह घर से बाहर निकली तो पास के चप्पल विक्रेता ने उसे अपने पास बुला लिया। वह उसे अपने भाई के घर शांति नगर में लेकर गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
इसके बाद उसे दस रुपये देकर घर के पास छोड़ दिया। पहले तो परिवार ने बदनामी के डर से चुप रहा, लेकिन इस बारे में पता चलने पर आरटीआई एक्टिविस्ट नरेश खुराना परिवार से मिले और उन्हें गलत के खिलाफ आवाज उठाने के लिए को तैयार किया। इसके बाद परिजनों ने एसपी को शिकायत दी।