चंडीगढ़ में 72 वर्षीय मूक बधिर महिला को सैर करवाने के बहाने घर से बाहर ले जाकर उससे दुराचार करने के दोषी ओमप्रकाश (30 वर्षीय) को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही उस पर 2 लाख 1 हजार रुपये आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने यह राशि बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। ओमप्रकाश के खिलाफ सेक्टर-39 पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।
मामला 2 नवंबर 2014 का है। शहर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसके पड़ोस में रहने वाला ओमप्रकाश केबल का काम करता है। उसका घर में काफी आना-जाना रहता है।
घटना वाली रात वह मूक बधिर बुजुर्ग को खाना खाने के बाद सैर कराने के बहाने ले गया। पड़ोसी होने के कारण घरवालों ने ओमप्रकाश के साथ वृद्धा को भेज दिया।
ओमप्रकाश उसे सेक्टर-56 स्थित सरकारी स्कूल के पास अंधेरे में ले गया और वहां उससे दुराचार किया। साथ ही उसने बुजुर्ग को धमकाते हुए इस बारे में किसी को बताने से मना किया।
सहमी हालत में बुजुर्ग घर पहुंची। उसने इशारों से परिवार के सदस्यों को आपबीती बताई। इसके बाद पीड़िता के बेटे ने इसकी शिकायत पुलिस को दी, जिस पर पुलिस ने ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया।