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'वो मेरे पापा के उम्र के थे, मुझे बेटी कहकर नौकरी दिलाने ले गए थे और...'

Sun, 11 Feb 2018 07:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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रेप - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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बेटी कहकर नौकरी दिलाने लेकर गए थे, मेरे पिता की उम्र के थे मुझे क्या मालूम था कि वे मेरी आबरू लूट लेंगे। मेवात के नूंह की निवासी बलात्कार पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है।
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पीड़िता ने कहा कि उसकी लड़ाई में मां साथ थी, परंतु इतना दबाव बनाया गया कि मां ने सुसाइड कर लिया। भाई और परिवार के लोगों पर झूठे केस दर्ज होने लगे। पीड़िता ने कहा कि उसे पुलिस पर बिलकुल भरोसा नहीं है, इसलिए इस मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंपी जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार, डीजीपी, डीसीपी, आईजी रेवाड़ी रेंज, एसपी नूंह व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।

पीड़िता ने याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट एमडी खान के माध्यम से बताया कि वह नूंह के एक छोटे से गांव में रहती है। नौकरी और सुरक्षा का भरोसा देकर आरोपी उसे अपने साथ अलवर ले गए। वहां होटल में ले जाकर बलात्कार किया और लगातार बलात्कार करते रहे। इसी बीच उनसे बचते बचाते पीड़िता ने मां को फोन कर दिया।
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आरोपियों के दबाव में मां ने किया सुसाइड

- फोटो : Demo Photo
फिर मां और भाई उसे लेने अलवर आ गए। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की। याची ने कहा कि आरोपियों की राजनीतिक पहुंच के कारण ही उनको न तो गिरफ्तार किया गया और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।

उस पर और उसकी मां पर लगातार दबाव बनाया जाने लगा। इसी के चलते मां ने आत्महत्या कर ली। बावजूद इसके पीड़िता ने हार नहीं मानी तो पीड़िता के भाई केखिलाफ झूठी एफआईआर बना दी गई। पीड़िता ने कहा कि उसने हर स्तर पर रिप्रजेंटेशन देकर देख ली है लेकिन उसे कहीं से इंसाफ नहीं मिला।

हैरत की बात तो यह रही कि आरोपी अक्सर बेखौफ होकर थाने में ही घूमते नजर आते थे परंतु उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। 
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