कोर्ट की सजा मानने से इंकार किए जाने का मामला सामने आया है। सजा रेप के आरोपी को सुनाई गई थी। मामले में उसकी गिरफ्तारी के वारंट जारी हो गए हैं। युवक का कहना है कि वह कोर्ट की इस सजा को नहीं माना और मरीजों की सेवा नहीं करेगा।
इस पर मेडिकल सुपरिंडेंटेंड ने उससे काम न करने के बारे में लिखित में ले लिया। उन्होंने कोर्ट में दोषी का पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद कोर्ट ने आदेशों की अवमानना करने पर दोषी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। साथ ही पुलिस को उसे 5 अक्तूबर तक पेश करने को कहा है।
युवक को किशोरी से दुराचार के मामले में जुवेनाइल एक एक्ट के तहत दो साल तक समाज सेवा की सजा सुनाई गई थी। उसे आदेश था कि वह रोज तीन घंटे चंडीगढ़ पीजीआई में मरीजों की सेवा करेगा। सजा 21 से शुरू होनी थी, लेकिन युवक ने ऐसा करने से इंकार कर दिया।