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चंडीगढ़ बम ब्लास्ट: अमेरिका में पकड़ा गया मास्टरमाइंड, रैपर बादशाह समेत दो क्लबों के बाहर करवाए थे धमाके

Mon, 18 Aug 2025 03:46 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

सेक्टर-26 स्थित सेविले बार एंड लाउंज और डिओरा क्लब के बाहर बम धमाके कि सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। जिसमें दो आरोपी क्लबों के बाहर बम फेंकर भागते दिख रहे हैं।
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रणदीप मलिक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ के सेक्टर-26 में स्थित रैपर बादशाह समेत दो क्लबों के बाहर बम ब्लास्ट करवाने वाला मास्टरमाइंड रणदीप मलिक आखिरकार अमेरिका में पकड़ा गया। अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने भारत के साथ रणदीप मलिक की गिरफ्तारी की सूचना शेयर की है। रणदीप मलिक ने ही गोल्डी बराड़ के जरिये चंडीगढ़ में क्लबों के बाहर बम धमाके करवाए थे। यह खुलासा बम फेंकने वाले आरोपी अजीत और विनय की गिरफ्तारी के बाद हुआ था। 

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पूछताछ में सामने आया था कि दोनों आरोपी सिग्नल एप के जरिये रणदीप मलिक से बात कर रहे थे। रणदीप मलिक ने कहा था कि गोल्डी बराड़ के इशारे के बाद ही वारदात को अंजाम देना है। जिससे पुलिस को साफ हुआ था कि इस वारदात के पीछे लॉरेंस गैंग का हाथ है। सूत्रों ने बताया कि विदेश जाने के बाद रणदीप मलिक लॉरेंस गैंग के संपर्क में आया था। रणदीप मलिक का अमेरिका में ट्रांसपोर्ट का बिजनेस था। आरोपी खुद भी ट्रक (ट्राला) चलाता था। जबकि दूसरे ट्राले ड्राइवर चलाते थे।

सिग्नल एप के जरिए करता था आरोपी बात
सेक्टर-26 स्थित सेविले बार एंड लाउंज और डिओरा क्लब के बाहर बम धमाके कि सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। जिसमें दो आरोपी क्लबों के बाहर बम फेंकर भागते दिख रहे हैं। धमाकों के कारण क्लबों के शीशे भी टूट गए थे। आरोपियों ने दहशत फैलाने के मकसद से वारदात को अंजाम दिया था। रणदीप मलिक ने ही अजीत और विनय को सिग्नल एप के जरिए बताया था कि बम और हथियार कहां से उठाने हैं। 
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प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर सकती है चंडीगढ़ पुलिस
रणदीप मलिक जींद जिले के एंचरा गांव का रहने वाला है। वह साल 2014 में विदेश चला गया था। उसके माता-पिता गांव में खेती-बाड़ी करते हैं। भारत लाने के बाद चंडीगढ़ पुलिस भी आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर सकती है कि आखिर उसने किसके कहने पर बम धमाके करवाए थे। रणदीप को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी बताया जाता है।

विदेशी हथियार मुहैया करवाता था रणदीप मलिक
अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने भारत के साथ रणदीप मलिक की गिरफ्तारी की सूचना शेयर की है। रणदीप मलिक अमेरिका में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई के इशारे पर भारत में हत्या और हमलों की साजिश रचने तथा हमले करने वालों को विदेशी हथियार मुहैया करवाने का काम कर रहा था। रणदीप के खिलाफ गुरुग्राम में क्लबों के बाहर धमाके करने की साजिश रचने का भी आरोप है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रणदीप मलिक के खिलाफ जींद जिले में एक फिरौती मांगने का भी मामला दर्ज है।

बम फेंकने वाले दोनों आरोपियों की हिसार से हुई थी गिरफ्तारी
26 नवंबर 2024 को सेक्टर-26 पुलिस थाना व आप्रेशन सेल से महज 50 कदम दूर स्थित डि''ओरा व सेविले क्लब के बाहर तड़के 3.14 पर देसी बम फेंककर विस्फोट किया गया था। अगले ही दिन सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप के गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के नाम से बने अकाउंट से इस बम ब्लॉस्ट की जिम्मेदारी ली थी। फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड करके लिखा है कि चंडीगढ़ में हुए बम ब्लॉस्ट हमने करवाया है। 29 नवंबर को चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन ने हिसार एसटीएफ के साथ मिलकर मुठभेड़ बाद दोनों आरोपियों को हिसार से आरोपी अजीत व विनय को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी थी।

तीसरा आरोपी दिल्ली स्पेशल सेल ने किया गिरफ्तार
हाल ही में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने लोकप्रिय रैपर बादशाह के चंडीगढ़ स्थित क्लब पर बम फेंककर हुए हमले के मास्टरमाइंड दीपक को गिरफ्तार किया था। फरीदकोट निवासी दीपक का असली नाम कंडा बराड़ है। तीनों दिल्ली हथियार लेने आए थे और अगली वारदात के लिए गोल्डी के निर्देश का इंतजार कर रहे थे। क्लब पर हमले के बाद से ही पंजाब का दीपक फरार था। ये गोल्डी बराड़ के लगातार संपर्क में था। एप के जरिए उससे बात करता था। दीपक ने पूछताछ में बताया कि क्लब पर हमले के लिए गोल्डी ने ही हथियार, गोला बारूद व अन्य सामान का इंतजाम किया था।

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