दसवीं क्लास के छात्र पुष्कर की हत्या के मामले में दोषी तीन छात्रों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल की अदालत ने बुधवार को तीनों दोषी सेक्टर-30 निवासी बारहवीं क्लास का छात्र अश्वनी कुमार, पुलिस कालोनी निवासी बीए फर्स्ट ईयर का छात्र हनीश चौहान और सेक्टर-20 निवासी बारहवीं क्लास का छात्र हरीश पर बीस-बीस हजार रुपये जुर्माना भी किया।
अदालत ने कहा
अदालत में साबित हो गया है कि तीनों छात्रों ने पुष्कर पर हत्या के मकसद से हमला किया। उसके शरीर पर चाकू से छह वार किए गए जो बहुत ज्यादा गहरे थे।
इससे पुष्पक की हत्या की पुष्टि होती है। छात्रों को उम्रकैद के अलावा कोई सजा नहीं दी जा सकती। यह हत्या का मामला रेयर टू रेयर नहीं है। फांसी की सजा देना इंसाफ नहीं होगा। इसलिए मामले में तीनों छात्रों को उम्रकैद दी गई है।
मामूली विवाद बना वजह
पंचकूला सेक्टर-14 निवासी शैलेंद्र ने 26 सितंबर 2011 को मामले की शिकायत दी थी। शैलेंद्र के अनुसार सेक्टर-19 निवासी दोस्त पुष्कर ने फोन कर बताया था कि चंडीगढ़ के सेक्टर-19 स्थित गवर्नमेंट माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने वाला छात्र अश्वनी उर्फ आंसू ने उसे एक युवक को थप्पड़ मारने के लिए कह रहा है।
उसने इंकार कर दिया। शिकायतकर्ता ने पुष्कर से मोबाइल फोन मांगा और पुष्कर ने उसे अगले दिन स्कूल के बाहर फोन लेने के लिए बुलाया।
शैलेंद्र ने पुलिस को बताया था पुष्कर स्कूल में पेपर देकर बाहर उसके पास आया। पुष्कर ने उसे बताया कि सामने बैठा युवक अश्वनी उसे थप्पड़ मारने के लिए जोर डाल रहा है।
इतने में अश्वनी अपने दोस्त हनीश और हरीश के साथ आया और डंडे और लोहे की रॉड से पुष्कर पर हमला कर दिया। किसी ने पुष्कर को चाकू मारकर घायल कर दिया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल लेकर गई। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। सेक्टर-19 थाना पुलिस ने शैलेंद्र की शिकायत पर अश्वनी कुमार, हरीश और हनीश के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और जान से मारने की धमकी देने के मामला दर्जकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया था।