फिलीपींस की राजधानी मनीला में सोमवार को मोगा के गांव डाला के नौजवान जसमेल सिंह जस्सा (24) की गोली मार कर हत्या कर दी गई। मौत की खबर के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मनीला में पिछले कुछ सालों में सैंकडों पंजाबियों की हत्याएं हो चुकी हैं। अकेले मोगा जिले के 15 से अधिक नौजवान अपनी जान गवां चुके हैं। जिले से संबंध रखने वाले नौजवान की एक माह में यह दूसरी मौत की घटना है।
बीते माह 14 अक्तूबर को कुलदीप सिंह (32) गांव माणूंके गिल की मनीला में हत्या कर दी गई थी। पंजाबी नौजवानों के मनीला में बह रहे खून के कारण उनके परिवारों में दहशत बनी हुई है। मृतक जसमेल सिंह जस्सा (24) के पिता इकबाल सिंह ने बताया कि उसका बेटा दो साल पहले कमाई करने के लिए फिलीपींस की राजधानी मनीला के शहर लगसिपी गया था।
उन्होंने बताया कि उनका बेटा अभी अविवाहित ही था और मनीला में फाइनेंस का कारोबारी था। उन्होंने बताया कि भारतीय समयानुसार 12.30 बजे वह अपने कारोबार के लिए जा रहा था। तब नकाबपोश बाइक सवारों ने उसे पांच गोलियां मारी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मौके पर पीड़ित इकबाल सिंह और बड़े बेटे गुरजीत सिंह ने कहा कि कारोबारी रंजिश के तहत जस्से की हत्या कराई गई है।
क्योंकि उसका थोड़े समय में ही अच्छा कारोबार चल पड़ा था जो शायद किसी ओर फाइनेंसर को अच्छा नहीं लगा। इस मौके पर दुख सांझा करने पहुंचे गांव वासी रछपाल सिंह, सुरजीत सिंह, बलदेव सिंह, जगरूप सिंह, बलौर सिंह, गुरदयाल सिंह, दर्शन सिंह ने कहा कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से मांग की है कि मनीला में पंजाबी नौजवानों की हो रही हत्याओं की बारीकी से जांच करवाई जाए। फिलीपींस सरकार को इन हत्याओं के संबंध में जवाबदेह बनाया जाए जिससे बाकी पंजाबी नौजवानों का जीवन खतरे में न रहे।