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एक्ट्रेस से रेप के मामले में पंजाबी सिंगर जैली ने किया सरेंडर, 2 दिन के रिमांड पर

Thu, 20 Apr 2017 09:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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Punjabi Singer Jelly - फोटो : File Photo
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पंजाबी मॉडल व एक्ट्रेस से रेप, ब्लैक मेल और अपहरण के मामले में करीब तीन साल से भगोड़ा चल रहे पंजाबी सिंगर जरनैल सिंह उर्फ जैली ने बुधवार को फिल्मी अंदाज में कोर्ट में पहुंचकर सरेंडर कर दिया। अदालत ने आरोपी को फेज-एक थाना पुलिस के हवाले कर दिया। अदालत ने आरोपी दो दिन के पुलिस रिमांड भेज दिया है। थाना फेज-एक के एसएचओ सुखविंदर सिंह ने आरोपी के सरेंडर करने की पुष्टि की है।
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जानकारी के मुताबिक, यह मामला अक्तूबर 2014 में सामने आया था। एक मॉडल ने आरोप लगाया था कि उसने पंजाबी गायकी सीखने के लिए पंजाबी सिंगर जरनैल सिंह उर्फ जैली से मुलाकात की। जैली ने उसे विश्वास दिलाया था कि वह उसे गाने की ट्रेनिंग दे देगा। उसने उसे गाना सिखाना शुरू कर दिया। इसी बीच एक दिन वह उसे बहाने से सेक्टर-57 के फ्लैट में ले गया। जहां पर पहले से ही उसके साथी मौजूद थे।

इस दौरान उन्होंने उसे कोल ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गई। आरोपियों ने उसके साथ गैंग रेप किया था। जैली ने उसकी वीडियो भी तैयार कर ली थी। साथ ही उसे धमकी दी थी कि किसी को इस बारे में बताया तो उसकी वीडियो इंटरनेट पर अपलोड कर देंगे। वहीं, वारदात के बाद मारपीट कर एक अज्ञात स्थान पर छोड़ गए थे। मॉडल ने फिर अपने एक जानकार को बुलाया। जिसने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया था।
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आरोपी विदेश में कर रहा था शो

Punjabi Singer Jelly - फोटो : File Photo
आरोपी विदेश में कर रहा था शो
आरोपी व उसके साथियों पर फेज-1 थाने में पर्चा दर्ज हुआ था। लेकिन, पुलिस के ढीले रवैये के चलते आरोपी काफी समय तक राज्य में रहा। उसने पंजाब व हरियाणा में कई शो भी किए। इसी बीच पता चला था कि वह कनाडा भाग गया। वहां पर बैसाखी मेला नाम से उसका शो बुक था। इसमें कई अन्य सिंगरों को भी प्रस्तुति देनी थी। जब आरोपी के वहां जाने का मामला सामने आया तो इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया था। पता चला है कि चंडीगढ़ की अदालत में भी आरोपी पर केस चल रहा है। इस केस में काफी समय से आरोपी पेश नहीं हो रहा है। ऐसे में वहां की अदालत भी उसे पीओ घोषित कर सकती है।

2015 में अदालत ने आरोपी को भगोड़ा करार दिया था
जानकारी के मुताबिक आरोपी पर केस दर्ज होने के 11 महीने बाद भी पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच पाई थी। इसके बाद जिला अदालत ने उसे सितंबर-2015 में भागोड़ा घोषित कर दिया था। यह फैसला चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट शिव मोहन गर्ग की अदालत ने सुनाया था। साथ ही पुलिस को आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे।
 
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