गमाडा की एक महिला लॉ अफसर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला अफसर ने अपनी शिकायत पर गमाडा द्वारा नियमों का उल्लंघन कर गठित इंटरनल कंप्लेंट रिड्रेसल कमेटी (आईसीसी) की भी शिकायत की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए गमाडा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
पीड़ित महिला अधिकारी ने एडवोकेट विकास चतरथ के जरिए दायर याचिका में कहा है कि वह वर्ष 2009 से गमाडा में लॉ अफसर के पद पर कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत है और उसका रिकॉर्ड भी अच्छा रहा है। लेकिन इस वर्ष से उसके सीनियर और कुछ साथी अधिकारी उसे प्रताड़ित करने लगे हैं। इसका विरोध करने पर उसका यौन उत्पीड़न का प्रयास किया गया।
याचिका में आगे कहा गया है कि यौन उत्पीड़न के प्रयास की याचिकाकर्ता ने मई माह में शिकायत भी की, जिस पर गमाडा ने सैक्सुअल ह्रासमेंट एट वर्क प्लेस (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत इंटरनल कंप्लेंट रिड्रेसल कमेटी (आईसीसी) का गठन भी कर दिया। लेकिन एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ गठित कमेटी की शिकायत किये जाने के बाद फिर एक अन्य कमेटी का गठन कर दिया गया। नई कमेटी के खिलाफ भी पीड़िता ने शिकायत की लेकिन उस पर कोई कार्रवाई न करते हुए याचिकाकर्ता की मांग को खारिज कर दिया।