पुलिस की थर्ड डिग्री से खौफजदा होकर पुलिस कस्टडी से फरार होने वाला नाबालिग शुक्रवार देर रात घर पहुंच गया।
उसकी हालत को देखकर शनिवार सुबह उसे सिविल अस्पताल दाखिल करवाया गया है। उसके शरीर पर कई जगह चोट व करेंट के निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि किशोर को पुलिस ने किसी हार्ड क्रोर क्रिमिनल की भांति थर्ड डिग्री दी है।
उसकी टांगों, हाथ, पैरों पर नील पड़े हुए थे। उसकी हालत को देखकर डेमोक्रेटिक भारतीय समाज पार्टी (डेभसपा) के राष्ट्रीय प्रधान विजय हंस ने इसकी जानकारी डीजीपी सुरेश अरोड़ा व एडीजीपी खुफिया हरदीप ढिल्लों को दे दी है।
इसके साथ ही कस्टडी से फरार होने वाले किशोर के बालिग होने का दावा करने वाली कमिश्नरेट पुलिस शनिवार को उस समय बैकफुट पर नजर आई, जब परिवार ने सरकारी जन्म सर्टिफिकेट जारी कर दिया। इसमें किशोर की उम्र 16 साल सात माह बताई गई थी। यह सर्टिफिकेट ब्यास इलाके से जारी हुआ है।
‘करेंट लगाया, हाथ-पैर कुर्सी से बांधे’
पुलिस कस्टडी से फरार होकर खुद वापस आने वाला किशोर बताता है कि उसको पुलिस ने काफी टार्चर किया। कुर्सी से हाथ-पैर बांध दिए और एक मुलाजिम ने अपना बूट उतारकर मुंह पर मारने शुरू कर दिए तो दूसरे ने करेंट लगाना शुरू कर दिया। उसको कहा गया कि वारदात को कबूल करो, एक झटका देकर धक्के से एक वारदात को कबूल करवाया गया। बाद में पैरों को उठाकर उस पर डंडे मारे गए।