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गूंगे-बहरे के साथ पुलिस की शर्मनाक करतूत

Wed, 29 Oct 2014 12:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
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अमृतसर जिले के थाना कत्थूनंगल पुलिस ने 13 साल के गूंगे-बहरे बच्चे हरप्रीत सिंह निवासी गांव दुधाला को छह दिन तक हवालात में रखा और उसके साथ मारपीट की गई।
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इस बच्चे को ट्रांसफार्मर चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। छह दिन तक जिस बच्चे को हिरासत में रख कर पुलिस टार्चर करती रही, वह न तो बोल सकता और न ही कुछ सुन सकता है।

बस इशारों के जरिए ही पुलिस की ओर से किए गए जुल्म को बयान कर रहा है। यहां तक कि उक्त बच्चा न तो अपने पैरों पर खड़ा हो पा रहा है और न हाथ आगे बढ़ा कर कोई चीज उठा पा रहा है।
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लोगों ने झूठ बोलकर पकड़वाया

हरप्रीत के भाई रजिंदर सिंह पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसका छोटा भाई गूंगा-बहरा है। 21 अक्टूबर के दिन गांव का ही एक लड़का पप्पू उसके भाई को अपने साथ बाबा बुड्ढा साहिब ले गया। जहां से ये दोनों रात करीब 10.30 बजे लौटे।

पप्पू अपने घर चला गया और उनका भाई अपने घर लौट रहा था कि इसी दौरान गांव के ही खेतों में मौजूद कुछ लोगों ने उनके भाई को पुलिस के पास यह कहकर पकड़वा दिया कि वह ट्रांसफार्मर चोर है।

पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जमकर मारपीट की। उन्हें इस बात की सूचना मिली तो वह तुरंत थाने गए, लेकिन उनकी एक न सुनी गई।

गत दिवस भगवान वाल्मीकि शक्ति सेना के सदस्यों की मदद से भाई को पुलिस से छुड़वाया गया। उन्होंने सिविल अस्पताल से मेडिकल करवाया है और इस संबंधी एसएसपी से मिलकर शिकायत देंगे।
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थाना प्रभारी बच्चे से मारपीट से मुकरे

थाना कत्थूनंगल के प्रभारी राजबीर सिंह ने कहा कि गांव वालों ने उक्त बच्चे को चोरी के आरोप में पकड़वाया था। मारपीट वाली बात पूरी तरह झूठ है। बल्कि ने उन्हें बच्चे के पिता की जिम्मेदारी पर बिना कोई केस दर्ज किए रिहा कर दिया। मारपीट वाली या हिरासत में रखने वाली जो भी बात की जा रही है। वह गलत नहीं है।

उधर नेशनल पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के महासचिव राजविंदर राजा ने पुलिस की ओर से हरप्रीत के ऊपर किये अत्याचार को मानवीय अधिकारों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब और राष्ट्रीय मानवीय अधिकार आयोग को इस केस का सूओ मोटो नोटिस लेना चाहिए।
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