अपहरण व घर में बंधक बनाए रखने के मामले में पंजाब पुलिस के निलंबित आईजी गौतम चीमा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस जितेंद्र चौहान ने अंतरिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए चीमा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
चीमा ने जमानत अर्जी में कहा था कि उनके खिलाफ साजिशन मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ पुलिस अफसरों की एक विशेष लॉबी काम कर रही है। यह अफसर कुछ अपराधियों को शह दे रहे हैं। अर्जी में आरोप लगाया गया था कि उनके करियर को बर्बाद करने की मंशा से मामला दर्ज किया गया।
जिस तरीके से एफआईआर दर्ज की गई, उस तरीके से यह साबित होता है कि मामला रंजिशन दर्ज किया गया। जिस भगोड़े अपराधी के अपहरण का आरोप उनके खिलाफ लगा है, उसमें उनका कोई हाथ नहीं है। कहा कि जिस वक्त भगोड़ा अपराधी मोहाली के अस्पताल पहुंचा, उससे कहीं पहले चीमा वहां मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि चीमा के खिलाफ 31 अगस्त को मामला दर्ज किया गया था। इस मामले के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया था। चीमा ने मोहाली अदालत में अंतरिम जमानत की अर्जी दायर की थी। यहां से अर्जी खारिज होने पर वह हाईकोर्ट पहुंचे थे। पिछली सुनवाई पर सरकार को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा गया था। सोमवार को डेढ घंटे की बहस के बाद हाईकोर्ट ने चीमा की गिरफ्तारी पर तीन नवंबर तक रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने उन्हें 17 अक्तूबर तक पुलिस जांच में शामिल होने का निर्देश भी दिया है। अगली सुनवाई तीन नवंबर को होगी।