अपनी मांगें मनवाने के लिए कांग्रेस के पूर्व सेहत मंत्री इंद्रजीत सिंह जीरा की अध्यक्षता में हरिके पत्तन के पुल पर धरना दे रहे किसानों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं और उन्हें खदेड़ दिया। लाठीचार्ज में पूर्व सेहत मंत्री समेत 12 किसान जख्मी हो गए।
किसानों का आरोप था कि मंडी में उनके धान में नमी बताकर उनसे लूट खसोट की जा रही है। किसान रविवार दोपहर दो से चार बजे तक पुल पर डटे रहे। किसानों का कहना था कि जब तक धरनास्थल पर डिप्टी कमिश्नर नहीं आएंगे वे धरने से नहीं उठेंगे। इसी बात को लेकर पुलिस ने उन पर लाठियां बरसा दीं।
रविवार को किसान इंद्रजीत सिंह की अगुवाई में दाना मंडी पहुंचे और अकाली-भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद इंद्रजीत सिंह ने किसानों के साथ मार्केट कमेटी के सचिव हरप्रीत सिंह भुल्लर से बैठक की। यहां पर इंद्रजीत सिंह और सचिव के बीच काफी देर तक बहस हुई।
बताया जा रहा है कि इंद्रजीत सिंह के हाथ पर पुलिस की लाठी लगने से चोट लगी। एक किसान के हाथ से खून निकलने लगा। किसान दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक पुल पर धरना देते रहे। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।
किसानों की जिद थी कि डीसी धरना स्थल पर पहुंचे। परंतु डीसी धरना स्थल पर नहीं पहुंचे। पुलिस ने किसानों को धरना खत्म करने की चेतावनी दी लेकिन किसान धरने से नहीं उठे तो पुलिस ने उन पर लाठी बरसाना शुरू कर दिया। किसानों ने भी पुलिस के साथ हाथापाई की।
इसमें एक दर्जन किसान जख्मी हो गए। किसानों का कहना है कि मंडी में उनके धान में नमी बताकर कम पैसों में खरीदा जा रहा है। धरने स्थल पर पहुंची डीएफसी डा. अंजूमन भास्कर से किसानों ने बात करने से इंकार कर दिया।
उधर, डीएसपी हरदेव सिंह बोपाराय ने कहा कि उन्होंने किसानों पर लाठी नहीं बरसाई है जबकि पूर्व सेहत मंत्री इंद्रजीत सिंह जीरा का कहना है कि उन्होंने पुलिस से लाठी छीनी है क्योंकि पुलिस किसानों पर लाठी बरसा रही थी। उनके कई किसान पुलिस की लाठियों से जख्मी हुए हैं।