जम्मू-कश्मीर सीमा से सटे माधोपुर में रविवार को सुनसान जगह पर सुरंग मिली है। बताया जा रहा है कि जिस जगह यह सुरंग मिली उसके पास ही बीएसएफ की पोस्ट है। खुफिया एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई हैं। वहीं स्थानीय पुलिस और सेना ने इलाके के आसपास दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया। स्थानीय निवासियों के मुताबिक मामले का एक पहलू यह भी सामने आ रहा है कि सुरंग ब्रिटिश काल में बनाई गई अंडरग्राउंड नहर का हिस्सा है।
जानकारी के मुताबिक रविवार को सैर कर रहे एक स्थानीय युवक ने सुरंग को देखा तो तुरंत थाना शाहपुरकंडी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी इंस्पेक्टर भारत भूषण मौके पर पहुंचे और आला अधिकारियों को सुरंग के बारे में बताया। जांच के दौरान पाया गया कि सुरंग सैनिक एरिया से भी निकलती है।
मौके पर पहुंचे डीएसपी रविंद्र सिंह ने साथ लगते एरिया से इस संबंध में जानकारी हासिल की। वहीं बीएसएफ छावनी से सटे गांव गुड़ा निवासी रत्ता राम ने पुलिस को बताया कि उनके बुजुर्ग कहा करते थे कि ब्रिटिश शासनकाल के दौरान शाहपुरकंडी से माधोपुर तक एक अंडरग्राउंड नहर बनाई गई थी, जो वर्तमान में भी है। यह सुरंग उसी का एक हिस्सा हो सकती है। डीएसपी रविंद्र सिंह ने भी ग्रामीणों के हवाले से यही बात दोहराते हुए कहा कि इसे हलके में नहीं लिया जा रहा है। जांच चल रही है, इसके बाद ही वह कुछ कह सकेंगे।
सैन्य खुफिया एजेंसी भी जांच को पहुंची
रविवार को सैन्य खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी सुरंग की जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने सुरंग के अंदर जाकर पड़ताल की और स्थानीय लोगों से जानकारी हासिल की। सूत्रों का कहना है इस सुरंग का आतंकियों से कोई संबंध नहीं है। यह आजादी से पहले की बनी है और लंबे समय से इसका इस्तेमाल नहीं किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर पास में बीएसएफ की छावनी होने के कारण अब इसकी निगरानी की जाएगी।