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सरकारी नौकरियों पर कैबिनेट का बड़ा फैसला

Wed, 17 Dec 2014 01:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब सरकार ने राज्य लोक सेवा नियमों के अधीन लागू सेवा शर्तों में तबदीली को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई। बदली गई सेवा शर्तों के अनुसार, प्रदेश में अब नई नियुक्ति के लिए प्रोबेशन पीरियड दो वर्ष का होगा और इस दौरान कर्मचारी को केवल बेसिक सैलरी ही मिलेगी। यह अवधि सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद ही कर्मचारी पूरे वेतन के हकदार हाेंगे। हालांकि नई नियुक्ति की यह शर्तें पीसीएस जुडीशियल पर लागू नही होंगी।
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में लिए गए इस फैसले के साथ ही कैबिनेट ने शहरी स्थानीय निकायों के अधीन कार्य करते 201 स्कूलों  के 495 ईटीटी अध्यापकों को शिक्षा विभाग में शिफ्ट करने पर भी सहमति जता दी। बैठक में पंजाब विधानसभा का शीतकालीन सत्र 22 दिसंबर से बुलाने का फैसला किया गया है। 

विधानसभा सत्र की तारीख तय करने पर फैसला नहीं

कैबिनेट की पिछली बैठक में विधानसभा सत्र की तारीख तय करने पर फैसला नहीं लिया जा सका था। मंगलवार को इन फैसलों के अलावा कैबिनेट ने प्रदेश में गन्ने से खरीद टैक्स समाप्त करने, स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स स्थापित करने, गतका को अन्य खेलों के समान दर्जा देने आदि के अहम फैसले भी लिए। बैठक के एजेंडे में शामिल होने के बावजूद तकनीकी कारणों से खेल नीति पर फैसला नहीं लिया जा सका। इस पर कैबिनेट की अगली बैठक में विचार होगा।

पंजाब में अगले वर्ष के लिए गन्ने पर खरीद टैक्स हटा
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड जैसे राज्यों की तरह पंजाब में भी वर्ष 2014-15 के लिए गन्ने पर खरीद टैक्स समाप्त करने संबंधी मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया। मंत्रिमंडल ने चीनी मिलों से खरीद और अन्य टैक्सों की बकाया राशि वार्षिक दर पर बराबर किस्तों में वसूलने का फैसला किया। यह फैसला गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी और चीनी के मूल्य स्थिर रहने के कारण देशभर की चीनी मिलों की आर्थिकता की कमजोरी के कारण लिया गया है।

गतका को खेल का दर्जा, मोहाली में बनेगा खेल संस्थान

मंत्रिमंडल ने परंपरागत गतका को अन्य खेलों के समान दर्जा प्रदान कर दिया है। इसके साथ ही पंजाब स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। इसका मुख्यालय मोहाली में होगा और इसमें 11 खेलों के प्रशिक्षण की सुविधा होगी। इसके तहत राज्य में विभिन्न खेलों के लिए उच्च कोटि के खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियाई, राष्ट्रमंडल और अन्य प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। इस संस्थान के केंद्र जालंधर, बठिंडा व माझा के किसी एक शहर में स्थापित किए जाएंगे।

इनके लिए चुने जाने वाले युवाओं को मनपसंद शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाने के साथ ही समुचित प्रशिक्षण दिया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब स्टेट इंस्टीच्यूट ऑफ स्पोर्टस को सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट-1860 अधीन पंजीकृत करवा दिया गया है।

ट्यूबवेलों पर प्रति यूनिट वाटर यूजर चार्ज हटाया

पंजाब जल स्त्रोत प्रबंधन एवं विकास निगम की ओर से चलाए जा रहे ट्यूबवेलों पर कंडी क्षेत्र में लिया जाने वाला प्रति यूनिट एक रुपये वाटर यूजर चार्ज और अन्य क्षेत्रों में 1.60 रुपये प्रति यूनिट बिज़ली खपत चार्ज समाप्त करने का फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने इसके साथ ही बकाया 6.50 करोड़ रुपये की राशि को भी माफ कर दिया है।

वहीं, इंडियन कनाल एंड ड्रेनेज़ एक्ट 1873 में संशोधन के जरिए आबियाने की जगह प्रति एकड़ प्रति फसल 50 रुपये की दर से जल सेस लगाने संबंधी आर्डिनेंस को विधानसभा के आगामी सत्र के दौरान बिल के रूप में तबदील करने की मंजूरी दे दी गई। एकत्र किया जाने वाला जल सेस नहरों के रख-रखाव और आधुनिकीकरण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
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सरकार नजर आएगी ट्विटर, फेसबुक, वाट्सऐप पर

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग को ऑनलाइन सोशल मीडिया एजेंसी की सेवाएं प्राप्त करने को भी स्वीकृति दी गई। यह नीतियां एवं कार्यक्रम विशेष तौर पर उन लोगों तक पहुंचाने का उद्देश्य ट्विटर, फेसबुक, यू ट्यूब, लिंकडेन और वाट्सऐप जैसी सोशल मीडिया में दिलचस्पी लेते हैं। गृह और न्याय विभाग के प्रस्ताव को पंजाब विधानसभा में सहमति के लिए रखने के लिए स्वीकृति दे दी गई।

शिविरों में आंखों की रोशनी गंवाने वालों को 2000 मासिक पेंशन
गुरदासपुर में बीते दिनों नेत्र चिकित्सा शिविरों में आंखों की रोशनी गंवाने वाले लोगों को प्रति माह 2000 रुपये पेंशन देने का निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। यह सहायता डिसेब्लड पर्सन रूल्स-1996 के तहत दी जाएगी।

संविधान संशोधन को दी मंजूरी
मंत्रिमंडल ने संसद के दोनों सदनों में पारित संवैधानिक संशोधन (121वीं संशोधन) बिल 2014 और नेशनल जुडीशियल अपॉइंटमेंटस कमिशन बिल, 2014 की पुष्टि को स्वीकृति दे दी। भारतीय संविधान की धारा 368 की उपधारा 2 (डी) के अनुसार संविधान के कुछ संशोधनों के लिए भारतीय संघ के आधे राज्यों की पुष्टि आवश्यक है।
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